Special Things
LIVE Maha Shivratri (महाशिवरात्रि) 2022 Puja Vidhi Vrat Shubh Muhurat (शुभ मुहूर्त) Updates, महाशिवरात्रि पर सुबह बनेगा पंचग्रही योग और शाम को होगा चतुर्ग्रही योग
शिवरात्रि के दिन ज्योतिष दृष्टि से भी विशेष समय है क्योंकि सुबह के समय तो पंचग्रही योग की स्थिति बनती है, लेकिन शाम के समय चतुर्ग्रही योग का निर्माण हो जाता है. ऎसे में यह समय दो योगों के चलते काफी प्रभावशालि बनता है. सुबह के समय एक ही राशि में पांच ग्रहों की स्थिति बनेगी और ये स्थिति काफी महत्वपूर्ण होगी. वहीं शाम के समय शनि, मंगल, बुध, शुक्र की ही युति होगी. महाशिवरात्रि पर मकर राशि में पांच ग्रहों का जमावड़ा लगने वाला है. मकर राशि में शनि, मंगल, बुध, शुक्र, चंद्रमा एक साथ स्थित होंगे. इस समय मंगल की उच्च राशिगत स्थिति होगी शनि स्वराशिगत होगा. बुध-शुक्र मित्र राशि में स्थित होगा.
शिवरात्रि घोरअंधकार से प्रकाश का मार्ग
एक सौर वर्ष के भीतर चंद्रमा के चक्र में जितनी भी रातें होती हैं उन में महाशिवरात्रि, सबसे अंधेरी रात मानी जाती है महान शक्तिशाली शिव की रात के रूप में प्राचीन काल से चली आ रही है. महाशिवरात्रि, का शाब्दिक अर्थ है शिव की महान (महा) रात (रात्रि) और भारत की हिंदू और योग परंपरा और संस्कृति में सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक रात्रि भी इसी के साथ संबंधित होता है. इस रात में चंद्र अनुपस्थित होता है. चंद्रमा मन का प्रतीक है और उसके चक्र का पृथ्वी पर जीवन पर उल्लेखनीय प्रभाव है. इसलिए यह रात शिव को समर्पित है, जो मन से परे उच्चतम चेतना के प्रतीक हैं. जो लोग इस रात के दौरान उत्सव में शामिल होते हैं, वे मन से परे पहुंचने और इसके दुष्प्रभावों पर विजय प्राप्त करने का मार्ग पाते हैं.
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक और 21 माला महामृत्युंजय जाप, दूर होंगे सभी कष्ट व् मिलेगी हर कार्य में सफलता : 1 मार्च 2022