
भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व मनाया जाता है। यह दिन गणेश उत्सव का अंतिम दिन होता है, जब भक्त बहुत ही भावुक मन से विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को विदाई देते हैं और जल में उनकी प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि बप्पा जाते जाते अपने भक्तों के सभी दुख, दरिद्रता और कष्ट अपने साथ ले जाते हैं तथा घर में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद छोड़ जाते हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल अनंत चतुर्दशी का पर्व कब मनाया जाएगा? आइए इस आर्टिकल में जानते हैं।
पंचांग को देखते हुए भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 25 सितंबर की रात 11 बजकर 6 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
बप्पा को कभी भी खाली हाथ विदा न करें। उनके साथ मोदक, फल और दक्षिणा की पोटली जरूर बांधें।
विसर्जन यात्रा में शामिल होते समय काले कपड़े या चमड़े की बेल्ट, पर्स का प्रयोग करने से बचें।
जल में विसर्जन करते समय प्रतिमा को झटके से फेंकने या गिराने के बजाय धीरे-धीरे जल में प्रवाहित करें।
अगर आपकी प्रतिमा मिट्टी की है, तो घर के आंगन या बालकनी में एक बड़े टब में पवित्र जल भरकर उसमें विसर्जित करना सबसे अच्छा माना जाता है।
विसर्जन के दिन घर में पूर्ण सात्विक माहौल रखें और प्याज-लहसुन का प्रयोग न करें।
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