
Apara Ekadashi 2026: हर साल ज्येष्ठ माह कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को अपरा एकादशी कहते हैं। माना जाता है कि अपरा एकादशी पर विधिवत पूजन और व्रत करने से अनजान में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और ईश्वर के चरण में स्थान मिलता है।
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4 बजकर 8 मिनट से लेकर 4 बजकर 49 मिनट तक
प्रातः सन्ध्या - सुबह 4 बजकर 28 मिनट से लेकर 5 बजकर 31 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से लेकर 3 बजकर 27 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 7 बजकर 2 मिनट से लेकर 7 बजकर 23 मिनट तक
सायाह्न सन्ध्या - शाम 7 बजकर 3 मिनट से लेकर 8 बजकर 6 मिनट तक
अमृत काल - शाम 7 बजकर 41 मिनट से लेकर रात्रि 9 बजकर 13 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 56 मिनट से लेकर 14 मई की रात्रि 12 बजकर 38 मिनट तक
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