साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कब लग रहा है? आइए यहां इसकी सही तिथि, समय और सूतक काल से जुड़ी सभी जरूरी बातें जानते हैं।
Chandra Grahan 2026: अब साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस घटना को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं, जैसे कि यह ग्रहण कब लगेगा, क्या यह भारत में दिखाई देगा और इसका क्या असर होगा? ऐसे में आइए यहां इस चंद्र ग्रहण से जुड़ी हर एक जरूरी बात जानते हैं।
चंद्र ग्रहण 2026 की तिथि और समय (Chandra Grahan 2026 Date and Timing)
वैदिक पंचांग के अनुसार, साल का अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 दिन शुक्रवार को लगने जा रहा है। इसकी शुरुआत सुबह 08 बजकर 04 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन सुबह 11 बजकर 21 मिनट पर होगा। यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। इस दिन रक्षाबंधन का पर्व भी पड़ रहा है। चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देखा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या नहीं? (Chandra Grahan 2026 Dos And Donts)
चंद्र ग्रहण पर क्या करें?
ग्रहण के दौरान ईष्ट देव का ध्यान करें, महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र या अपने गुरु मंत्र का मानसिक जप करना बहुत फलदायी माना जाता है।
अगर सूतक काल या ग्रहण मान्य है, तो पीने के पानी और खाने की चीजों में तुलसी के कुछ पत्ते डाल दें। इससे ग्रहण का बुरा प्रभाव इन चीजों पर नहीं पड़ता है।
इस दौरान हनुमान चालीसा, भगवद्गीता या सुंदरकांड का पाठ करें।
ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें, स्नान करें और अपनी क्षमता के अनुसार अन्न या वस्त्र का दान करें।
गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से घर के अंदर ही रहने और नुकीली चीजें से बचने की सलाह दी जाती है।
चंद्र ग्रहण पर क्या न करें?
ग्रहण के दौरान या सूतक काल में भोजन पकाना और खाना वर्जित माना जाता है। हालांकि, बीमार, बुजुर्ग और बच्चों पर यह नियम सख्ती से लागू नहीं होता।
सूतक और ग्रहण काल के दौरान घर के मंदिर के कपाट बंद रखे जाते हैं और भगवान की मूर्तियों या तस्वीरों को छूना नहीं चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय या इसके मध्यकाल में सोना नहीं चाहिए, इस समय ईश्वर का ध्यान करना चाहिए।
इस दौरान किसी भी नए काम की शुरुआत, गृह प्रवेश या मांगलिक काम नहीं करने चाहिए।
इस दौरान किसी से वाद-विवाद न करें, गुस्सा न करें और मन में बुरे या नकारात्मक विचार न लाएं।