
हिंदू धर्म में दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व का बहुत बड़ा महत्व है। इस उत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है और इसका समापन भाई दूज पर होता है। इस दौरान मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ-साथ दान-पुण्य का भी बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस और दीपावली के दिन अगर जरूरतमंदों को कुछ खास चीजों का दान किया जाए, तो घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती। इसके साथ ही जीवन में शुभता का आगमन होता है। ऐसे में आइए यहां जानते हैं कि धनतेरस और दिवाली पर किन चीजों का दान करना सबसे ज्यादा फलदायी माना जाता है?
दीपावली के आसपास के दिनों में अन्न का दान करना सबसे बड़ा दान माना जाता है। इस दिन गरीब और असहाय लोगों को गेहूं, चावल, दाल या आटा दान करें। ऐसा करने से माता अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होती हैं, जिससे घर के भंडार हमेशा भरे रहते हैं।
ठंड के मौसम की शुरुआत के साथ दीपावली का पर्व आता है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े, कंबल या शॉल का दान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है। वस्त्र दान करने से जीवन में सुख-शांति आती है। इसके साथ ही नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
दीपावली का त्योहार ही दीपों का त्योहार है। ऐसे में इस दिन मंदिरों में पीपल के पेड़ के नीचे या किसी पवित्र नदी के तट पर घी या तेल के दीये जलाना और दान करना बहुत शुभ होता है। कहते हैं कि दीप दान करने से जीवन का अंधेरा दूर होता है और यश की प्राप्ति होती है।
धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदने की परंपरा तो है ही, साथ ही किसी जरूरतमंद, मंदिर या सफाई कर्मचारी को नई झाड़ू का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि झाड़ू को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है, इसलिए इसके दान से घर की दरिद्रता दूर होती है।
खुशियों के इस पर्व पर जरूरतमंदों को मिठाई, बताशे और ताजे फलों का दान करें। मीठी चीजें बांटने से रिश्तों में मिठास आती है और घर में सकारात्मकता का वास होता है।
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