
Gajkesari Yog 2026: ज्योतिषशास्त्र में चंद्रमा को मन, माता और भावनाओं का कारक माना जाता है, वहीं गुरु को ज्ञान, संतान और आध्यात्मिकता का प्रतीक कहा जाता है। जब ये दोनों ग्रह एक साथ एक ही राशि में आते हैं तो गजकेसरी योग का निर्माण होता है जिसे ज्योतिष में अत्यंत शुभ कहा गया है। गुरु इस समय मिथुन राशि में हैं और चंद्रमा भी 21 अप्रैल को मिथुन राशि में गोचर करेंगे। ये योग 21 अप्रैल से लेकर 23 अप्रैल तक रहने वाला है। ऐसे में जान लेते हैं कि गजकेसरी योग से किन-किन राशियों को लाभ होगा।
मिथुन राशि
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