
Lohri 2026: सनातन धर्म संसार में केवल एक ऐसा धर्म है जिसमें देवी-देवताओं, भूमि, पृथ्वी, जल के साथ-साथ अनाज को भी पूजा जाता है और इन्हें समर्पित पर्व होते हैं। वैसे तो यह त्यौहार मुख्य रूप से सिख धर्म के पंजाबी लोगों द्वारा मनाया जाता है। इस पर्व को हिन्दु धर्म के लोग भी हर्षोल्लाष के साथ मनाते हैं। यूँ तो लोहड़ी मुख्य रूप से सिख त्यौहार है, किन्तु लोहड़ी का दिन हिन्दु कैलेण्डर के आधार पर ही निश्चित किया जाता है। लोहड़ी बहुत हद तक हिन्दु त्यौहार मकर संक्रान्ति से सम्बन्धित है। लोहड़ी का त्यौहार मकर संक्रान्ति से एक दिन पूर्व मनाया जाता है। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि लोहड़ी का पर्व किस दिन मनाया जाएगा और इस दिन कौन-कौन से मुहूर्त बनेंगे।
राहुकाल - दोपहर 3 बजकर 7 मिनट से शाम 4 बजकर 26 मिनट तक।
गुलिक काल - दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 1 बजकर 49 मिनट तक।
यमगण्ड - सुबह 9 बजकर 53 मिनट से 11 बजकर 11 मिनट तक।
विडाल योग - सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 14 जनवरी की रात्रि 12 बजकर 6 मिनट तक।
दुमुहूर्त - सुबह 9 बजकर 21 मिनट से 10 बजकर 3 मिनट तक।
रात्रि 11 बजकर 9 मिनट से 14 जनवरी की रात्रि 12 बजकर 3 मिनट तक।
भद्रा काल - सुबह 7 बजकर 15 मिनट से दोपहर 3 बजकर 17 मिनट तक।
Connect with India's best astrologers




