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Panchak August 2026: क्या रक्षाबंधन पर रहेगा पंचक का साया? जानें सही तिथि, समय और जरूरी नियम

Kumari Nisha ThapaKumari Nisha ThapaUpdated 22 Aug 2026 04:24 PM IST
Panchak August 2026: क्या रक्षाबंधन पर रहेगा पंचक का साया? जानें सही तिथि, समय और जरूरी नियम

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अगस्त 2026 में पंचक कब शुरू हो रहे हैं, क्या रक्षाबंधन के दिन पंचक का साया रहेगा? आइए यहां सही तिथि, समय और जरूरी नियम जानते हैं।

ज्योतिष शास्त्र में पंचक को एक विशेष काल माना जाता है, जिसे आमतौर पर शुभ कामों के लिए वर्जित माना जाता है। अगस्त 2026 के महीने में पंचक की तिथि को लेकर कई लोगों के मन में थोड़ी कन्फ्यूजन है, क्योंकि इसी महीने रक्षाबंधन का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं कि अगस्त में पंचक कब से शुरू हो रहा है और क्या इसका प्रभाव रक्षाबंधन पर पड़ेगा?

पंचक 2026 तिथि और समय

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार पंचक 27 अगस्त 2026 को दोपहर 01:35 बजे से शुरू होकर 1 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 03:24 बजे तक रहेगा। यानी रक्षाबंधन इस बार पंचक काल के साये में ही मनाया जाएगा। पंचांग के आधार पर, जब चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, तब से पंचक की शुरुआत मानी जाती है। 

क्या रक्षाबंधन पर रहेगा पंचक का साया?

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। इस साल रक्षाबंधन के दिन पंचक की स्थिति को लेकर ज्योतिषियों का मानना है कि अगर पंचक का प्रभाव किसी शुभ तिथि या त्योहार के समय होता है, तो उसका प्रभाव कुछ खास परिस्थितियों में ही मान्य होता है। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर अगर पंचक लग रहा है, तो राखी बांधते समय शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें। शास्त्रों के अनुसार, राखी का पर्व भद्रा और पंचक में मनाने से बचना चाहिए। इसलिए रक्षाबंधन के दिन शुभ चौघड़िया मुहूर्त देखकर ही राखी बांधें। 

पंचक के दौरान क्या न करें?

  • पंचक के दौरान लकड़ी का सामान खरीदना या लकड़ी से बना नया फर्नीचर घर लाना वर्जित माना जाता है।

  • घर की छत डलवाना या छत से जुड़े काम पंचक में नहीं करना चाहिए।

  • पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करना कष्टकारी माना गया है।

  • ऐसी मान्यता है कि पंचक के दौरान अंतिम संस्कार करने से पहले किसी जानकार पंडित से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

पंचक के दौरान क्या करें?

  • पंचक काल में जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है।

  • इन पांच दिनों में नियमित रूप से भगवान विष्णु या अपने इष्ट देव की पूजा-अर्चना करना मानसिक शांति प्रदान करता है।

  • इन दिनों में तामसिक चीजों से परहेज करें और सात्विक भोजन ग्रहण करें।

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