
ज्योतिष शास्त्र में पंचक को एक विशेष काल माना जाता है, जिसे आमतौर पर शुभ कामों के लिए वर्जित माना जाता है। अगस्त 2026 के महीने में पंचक की तिथि को लेकर कई लोगों के मन में थोड़ी कन्फ्यूजन है, क्योंकि इसी महीने रक्षाबंधन का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं कि अगस्त में पंचक कब से शुरू हो रहा है और क्या इसका प्रभाव रक्षाबंधन पर पड़ेगा?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार पंचक 27 अगस्त 2026 को दोपहर 01:35 बजे से शुरू होकर 1 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 03:24 बजे तक रहेगा। यानी रक्षाबंधन इस बार पंचक काल के साये में ही मनाया जाएगा। पंचांग के आधार पर, जब चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, तब से पंचक की शुरुआत मानी जाती है।
पंचक के दौरान लकड़ी का सामान खरीदना या लकड़ी से बना नया फर्नीचर घर लाना वर्जित माना जाता है।
घर की छत डलवाना या छत से जुड़े काम पंचक में नहीं करना चाहिए।
पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करना कष्टकारी माना गया है।
ऐसी मान्यता है कि पंचक के दौरान अंतिम संस्कार करने से पहले किसी जानकार पंडित से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
पंचक काल में जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है।
इन पांच दिनों में नियमित रूप से भगवान विष्णु या अपने इष्ट देव की पूजा-अर्चना करना मानसिक शांति प्रदान करता है।
इन दिनों में तामसिक चीजों से परहेज करें और सात्विक भोजन ग्रहण करें।
Connect with India's best astrologers




