
भाद्रपद महीने की पूर्णिमा से आश्विन माह की अमावस्या तक 16 दिनों का समय पितृ पक्ष कहलाता है। यह पावन समय पूर्वजों को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों में पितृ पृथ्वी लोक पर अपने परिजनों के घर आते हैं और जल व अन्न का तर्पण ग्रहण करते हैं। ऐसा कहते हैं कि अगर इस दौरान घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलाने वाली या टूटी-फूटी वस्तुएं मौजूद हों, तो इससे पितृ असंतुष्ट होकर नाराज हो जाते हैं, जिससे पितृ दोष और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं वे कौन सी चीजें हैं, जिन्हें पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2026) से पहले हटा देनी चाहिए?
घर में रखे टूटे हुए बर्तन नकारात्मक ऊर्जा के सबसे बड़े स्रोत होते हैं। श्राद्ध पक्ष में पितरों का तर्पण सात्विक जगह किया जाता है। अगर घर में टूटे बर्तन रखे हैं, तो उन्हें तुरंत बाहर निकाल दें।
वास्तु शास्त्र में बंद पड़ी घड़ियों को प्रगति और भाग्य की रुकावट माना गया है। घर में बंद घड़ी का होना यह दिखाता है कि घर का शुभ समय रुक गया है। ऐसे में पितृ पक्ष से पहले बंद घड़ियों को ठीक करवा लें या तो घर से हटा दें, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके।
अक्सर लोग पुराने, फटे कपड़े या बिना इस्तेमाल के जूते-चप्पल स्टोर रूम या अलमारी के कोनों में जमा करके रखते हैं। श्राद्ध पक्ष से पहले ऐसे बेकार सामान को हटा दें या किसी जरूरतमंद को दान कर दें। घर में कबाड़ रहने से दरिद्रता आती है।
घर के मुख्य द्वार, बालकनी या तुलसी के पास रखे सूखे और मुरझाए पौधे वास्तु दोष पैदा करते हैं। श्राद्ध के दिनों में घर में हरे-भरे पौधे और ताजगी होनी चाहिए। ऐसे में सूखे पौधों को हटाकर हरे-भरे पौधे लगाएं।
अगर आपके मंदिर या घर में भगवान की कोई खंडित मूर्ति या पूर्वजों की टूटी हुई तस्वीर है, तो उसे पितृ पक्ष से पहले किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें या पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं। कहते हैं कि खंडित तस्वीरों और मूर्तियों की उपस्थिति अशुभ फल देती है।
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