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पुत्रदा एकादशी का दिन बेहद शुभ माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन पूजा-पाठ करने से संतान से जुड़ी मुश्किलें दूर होती हैं।
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व है। एक साल में कुल 24 एकादशी आती हैं, लेकिन सावन माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली पुत्रदा एकादशी को बेहद शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह व्रत संतान सुख देने वाला और सभी पापों को हरने वाला है। ऐसे में आइए यहां इस पावन व्रत से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं -
पुत्रदा एकादशी 2026 कब है?
वैदिक पंचांग को देखते हुए, एकादशी तिथि का आरंभ 23 अगस्त को मध्यरात्रि 02 बजे से होगा। वहीं, इसका समापन 24 अगस्त को सुबह में 04 बजकर 19 मिनट पर होगा। पंचांग गणना के आधार पर 23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा और इसका पारण 24 अगस्त 2026 को दोपहर 01 बजकर 41 मिनट से शाम 04 बजकर16 मिनट के बीच किया जाएगा।
पुत्रदा एकादशी का महत्व
धार्मिक ग्रंथों में इस एकादशी को अक्षय फल देने वाली बताया गया है। ऐसा कहा जाता है कि जिन जातक इस पावन व्रत का पालन करते हैं, तो उन्हें योग्य, स्वस्थ और संस्कारी संतान की प्राप्ति होती है। साथ ही इस व्रत को करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और कई गायों के दान के बराबर पुण्य फल मिलता है।
पुत्रदा एकादशी पूजा विधि
1. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
2. भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं।
3. विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल, ऋतु फल और तिल अर्पित करें। ध्यान रहे बिना तुलसी दल के बिना विष्णु जी की पूजा अधूरी मानी जाती है।
4. दिन भर निराहार रहकर व्रत रखें और शाम के समय पुत्रदा एकादशी की व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
5. रात में जागरण कर भजन-कीर्तन करें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
6. पूजा का समापन आरती से करें और क्षमायाचना करें।
7. अगले दिन द्वादशी को ब्राह्मण को भोजन कराकर, दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण करें।
पुत्रदा एकादशी पूजन मंत्र
- ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
- ॐ नमो नारायणाय
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे।
पुत्रदा एकादशी पर करें यह 1 उपाय
सुबह उठकर स्नान करें। इसके बाद पीले वस्त्र धारण करें। केले के पेड़ के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: का 108 बार जप करें। ऐसा करने से करियर से जुड़ी हुई मुश्किलें दूर होती हैं और नौकरी में प्रमोशन के योग बनते हैं।