Logo

Sawan Monday Fasting Rules: सावन सोमवार व्रत के नियम, जानिए आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं

Devanand sharmaDevanand sharmaUpdated 02 Aug 2026 05:16 PM IST
Sawan Monday Fasting Rules: सावन सोमवार व्रत के नियम, जानिए आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं

Special Things

Sawan Monday Fasting Rules:सावन सोमवार व्रत के नियम जानें। व्रत के दौरान क्या करें, क्या न करें, क्या खाएं, किन बातों से बचें, पूजा की सही विधि और भगवान शिव की कृपा पाने के आसान उपाय विस्तार से पढ़ें।

सावन सोमवार व्रत के नियम: क्या करें और क्या न करें? भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए जान लें ये जरूरी बातें

श्रावण मास, जिसे सामान्य रूप से सावन कहा जाता है, भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र और पुण्यदायी महीनों में माना जाता है। इस पूरे महीने शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है और देशभर में कांवड़ यात्रा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा सोमवार व्रत का विशेष महत्व रहता है। धार्मिक मान्यता है कि सावन में श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने वाला व्यक्ति उनके विशेष आशीर्वाद का पात्र बनता है। यही कारण है कि अविवाहित युवक-युवतियों से लेकर विवाहित स्त्री-पुरुष और बुजुर्ग तक अपनी श्रद्धा के अनुसार सावन व्रत रखते हैं।
सावन व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं है, बल्कि यह मन, वचन और कर्म की शुद्धि का भी संकल्प है। इस व्रत का उद्देश्य स्वयं को सात्विक बनाना, भगवान शिव की भक्ति में मन लगाना और जीवन में सकारात्मकता लाना होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि सावन व्रत कैसे रखा जाता है, इसमें क्या खाना चाहिए, किन चीजों से बचना चाहिए और पूजा की सही विधि क्या है।

सावन सोमवार का व्रत केवल भूखे रहने का नाम नहीं है
बहुत से लोग सोचते हैं कि पूरे दिन कुछ न खाना ही व्रत है, लेकिन सनातन परंपरा में व्रत का अर्थ इससे कहीं बड़ा माना गया है। व्रत का मतलब है अपने मन, वाणी और व्यवहार को भी पवित्र बनाना। यदि कोई व्यक्ति पूरे दिन भूखा रहे, लेकिन क्रोध करता रहे, झूठ बोले या दूसरों का अपमान करे, तो व्रत का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं माना जाता। भगवान शिव को सच्ची श्रद्धा, सरल स्वभाव और निष्कपट भक्ति सबसे अधिक प्रिय है।

सावन सोमवार के दिन क्या करें?
सावन व्रत की शुरुआत प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने से होती है। स्नान के बाद स्वच्छ और सात्विक वस्त्र धारण करें तथा भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। यदि संभव हो तो सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
इसके बाद घर के मंदिर या निकट स्थित शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव, माता पार्वती, श्रीगणेश और नंदी महाराज की पूजा करें। शिवलिंग पर सबसे पहले गंगाजल और स्वच्छ जल अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें। अंत में पुनः स्वच्छ जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
अभिषेक के बाद भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल, सफेद चंदन, अक्षत, पुष्प और मौसमी फल अर्पित करें। बेलपत्र अर्पित करते समय यह ध्यान रखें कि पत्तियां टूटी हुई न हों और उनकी चिकनी सतह शिवलिंग की ओर रहे। पूजा के दौरान "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें। इसके अतिरिक्त महामृत्युंजय मंत्र, शिव चालीसा, रुद्राष्टक या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ भी किया जा सकता है। अंत में भगवान शिव की आरती करके परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना करें।

सावन सोमवार के दिन क्या नहीं करें?
सावन सोमवार के दिन तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें। प्याज, लहसुन, मांस, मछली, अंडा और शराब जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। तंबाकू, गुटखा या किसी भी प्रकार के नशे से भी दूर रहना चाहिए।
धार्मिक मान्यता यह भी कहती है कि इस दिन किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए। बिना वजह क्रोध करना, झूठ बोलना, अपशब्द कहना या किसी की बुराई करना भी व्रत की भावना के विपरीत माना जाता है। भगवान शिव को अहंकार नहीं, बल्कि विनम्रता और सादगी पसंद है।

सावन व्रत में क्या खाएं?
सावन व्रत के दौरान सात्विक भोजन को विशेष महत्व दिया गया है। व्रत रखने वाले लोग अपनी परंपरा और क्षमता के अनुसार फलाहार या एक समय सात्विक भोजन कर सकते हैं। फलों में केला, सेब, अमरूद, अनार, पपीता और मौसमी फलों का सेवन किया जा सकता है। दूध, दही, छाछ, मखाना और पनीर जैसे दुग्ध उत्पाद भी ऊर्जा प्रदान करते हैं।
फलाहार में साबूदाने की खिचड़ी, साबूदाने की खीर, सिंघाड़े के आटे की रोटी, कुट्टू के आटे के पकवान, राजगिरा, शकरकंद और सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट, किशमिश तथा काजू का सेवन किया जा सकता है। भोजन में सामान्य नमक के स्थान पर सेंधा नमक का उपयोग करना चाहिए। पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी और ताजे फलों का रस पीना भी लाभकारी माना जाता है।

सावन व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?
सावन व्रत के दौरान तामसिक भोजन का त्याग करना आवश्यक माना गया है। प्याज, लहसुन, मांस, मछली, अंडा तथा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। शराब, तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान से भी पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
इसके अलावा अधिक तला-भुना, अत्यधिक मसालेदार और बासी भोजन से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत के दौरान सात्विक भोजन ही शरीर और मन दोनों को शुद्ध बनाए रखता है।

पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान
भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि वह साफ और अखंड हो। शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल श्रद्धा से अर्पित करें। पूजा में जल्दबाजी न करें और मन को इधर-उधर भटकने से बचाएं। यदि मंदिर जाना संभव न हो तो घर में भी पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा की जा सकती है।
सावन सोमवार का व्रत हमें संयम, धैर्य और सादगी का पाठ पढ़ाता है। यह व्रत बताता है कि जीवन में केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने व्यवहार को भी अच्छा बनाना जरूरी है। जब व्यक्ति अपने भीतर के क्रोध, लालच और अहंकार को छोड़कर प्रेम, दया और सेवा का मार्ग अपनाता है, तभी भगवान शिव की सच्ची आराधना होती है।

Related Puja

पितृ पक्ष पूजा - 16 तिथि पितृ शांति महापूजा, तिल तर्पण और पिंड अर्पण
Pitru Shanti • Pitru Tripti • Family Prosperity • Ancestral Blessings

पितृ पक्ष पूजा - 16 तिथि पितृ शांति महापूजा, तिल तर्पण और पिंड अर्पण

Sat 26 September 2026
Gaya Tirth Kshetra, Bihar
373 devotees have booked this puja
Book Puja
पितृ पक्ष पूजा - 16 तिथि पितृ शांति महापूजा, तिल तर्पण और पिंड अर्पण
Pitru Shanti • Pitru Tripti • Family Prosperity • Ancestral Blessings

पितृ पक्ष पूजा - 16 तिथि पितृ शांति महापूजा, तिल तर्पण और पिंड अर्पण

Sat 26 September 2026
Gaya Tirth Kshetra, Bihar
373 devotees have booked this puja
Book Puja

Talk to Astrologer

View all

Connect with India's best astrologers

एस्ट्रो अमन

एस्ट्रो अमन

20/min₹5/min
एस्ट्रो कमल जी

एस्ट्रो कमल जी

20/min16/min
टैरो प्रीति

टैरो प्रीति

26/min₹5/min
टैरो अलका

टैरो अलका

28/min₹5/min
एस्ट्रो वैभव कुमार

एस्ट्रो वैभव कुमार

26/min₹5/min
View all
पितृ पक्ष पूजा - 16 तिथि पितृ शांति महापूजा, तिल तर्पण और पिंड अर्पण
Pitru Shanti • Pitru Tripti • Family Prosperity • Ancestral Blessings

पितृ पक्ष पूजा - 16 तिथि पितृ शांति महापूजा, तिल तर्पण और पिंड अर्पण

Sat 26 September 2026
Gaya Tirth Kshetra, Bihar
373 devotees have booked this puja
Book Puja
पितृ पक्ष पूजा - 16 तिथि पितृ ऋण मुक्ति महापूजा, तिल तर्पण और गौ सेवा
For the peace of known and unknown ancestors and for liberation from ancestral debt.

पितृ पक्ष पूजा - 16 तिथि पितृ ऋण मुक्ति महापूजा, तिल तर्पण और गौ सेवा

Sat 26 September 2026
Pishach Mochan Kund, Kashi
124 devotees have booked this puja
Book Puja
पूर्णिमा श्राद्ध पर पितृ शांति एवं तर्पण अनुष्ठान
Pitru Tripti & Family Prosperity Special Ritual

पूर्णिमा श्राद्ध पर पितृ शांति एवं तर्पण अनुष्ठान

Sat 26 September 2026
Har ki Pauri, Haridwar
146 devotees have booked this puja
Book Puja

Reconnect with your Faith

UserUserUser
Trusted by 1 Lakh Devotees
100% Secure