
Shani Jayanti 2026: शनि देव, न्याय के देवता हैं और वह कर्मों के आधार पर ही जातक को फल देते हैं। नवग्रहों में यदि देखें तो सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह भी वही हैं। शनि जयंती का पर्व यानि की शनि देव का जन्मोत्सव आ रहा है और ऐसे में इस दिन उनकी पूजा करने से जातक को शनि देव का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा यदि आपको न्याय नहीं मिल रहा है, तो आप शनि जयंती के पर्व पर शनि पूजन कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि इस साल शनि जयंती कब है और कौन से मुहूर्त बन रहे हैं। इसके साथ ही इस लेख में जानेंगे कि शनि देव की क्या कथा है (Shani Dev Katha)।
शनि जयंती प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ महीने के अमावस्या तिथि को आती है। इस साल अमावस्या तिथि का प्रारंभ 16 मई को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर हो रहा है और वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 17 मई को तड़के 1 बजकर 30 मिनट पर होगा।
ब्रह्म मुहूर्त 04:07 ए एम से 04:48 ए एम
प्रातः सन्ध्या 04:27 ए एम से 05:30 ए एम
अभिजित मुहूर्त 11:50 ए एम से 12:45 पी एम
विजय मुहूर्त 02:34 पी एम से 03:28 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 07:04 पी एम से 07:25 पी एम
सायाह्न सन्ध्या 07:05 पी एम से 08:08 पी एम
अमृत काल 01:15 पी एम से 02:40 पी एम
निशिता मुहूर्त 11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 17
शनि देव सूर्य देव के पुत्र हैं और पौराणिक कथा के अनुसार कहा जाता है कि जब सूर्य देव गर्भाधान के लिए अपनी पत्नी छाया के समीप जाते हैं तो छाया उनका प्रचंड तेज नहीं सहन कर पातीं और अपनी आँखें बंद कर लेती हैं। समय के साथ छाया के गर्भ से शनि देव का जन्म होता है यानी कि ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि देव जन्म लेते हैं, लेकिन यह देखकर सूर्य देव प्रसन्न नहीं होते, क्योंकि शनि श्याम वर्ण यानि कि उनका रंग काला था। जहाँ एक तरफ सूर्य का प्रचंड तेज़ था, वहीं दूसरी तरफ शनि देव श्याम वर्ण के और यह देखकर सूर्य देव अपनी पत्नी छाया पर आरोप लगाते हैं कि यह उनका पुत्र नहीं हो सकता और यही कारण है कि पिता पुत्र होने के बाद भी शनि और सूर्य के बीच शत्रुता है। शनि देव इस बात से बहुत ही अपमान महसूस करते हैं। उसके बाद वो अनेक वर्षों तक भगवान शिव से वरदान प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या करने लगते हैं। शनि देव की भक्ति से प्रसन्न होकर शिव जी उसके सामने प्रकट हुए और वर मांगने को कहा, वह अपनी आप बीती महादेव को बताते हैं, तब भगवान उन्हें वर देते हैं कि पूरे नवग्रहों से सर्वश्रेष्ठ कहलाओगे और इस संसार के न्यायाधीश भी तुम ही रहोगे।
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