Logo

Shani Jayanti 2026: इस दिन बरसेगी न्याय के देवता की कृपा, जानिए शनि जयंती का शुभ मुहूर्त और कथा

Kumari Nisha ThapaKumari Nisha ThapaUpdated 12 May 2026 05:40 PM IST
Shani Jayanti 2026: इस दिन बरसेगी न्याय के देवता की कृपा, जानिए शनि जयंती का शुभ मुहूर्त और कथा

Special Things

Shani Jayanti 2026: शनि जयंति पर जानिए कौसे से हैं शुभ संयोग और जानिए क्या है शनि देव की पौराणिक कथा। (Shani Jayanti Muhurat 2026)

Shani Jayanti 2026: शनि देव, न्याय के देवता हैं और वह कर्मों के आधार पर ही जातक को फल देते हैं। नवग्रहों में यदि देखें तो सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह भी वही हैं। शनि जयंती का पर्व यानि की शनि देव का जन्मोत्सव आ रहा है और ऐसे में इस दिन उनकी पूजा करने से जातक को शनि देव का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा यदि आपको न्याय नहीं मिल रहा है, तो आप शनि जयंती के पर्व पर शनि पूजन कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि इस साल शनि जयंती कब है और कौन से मुहूर्त बन रहे हैं। इसके साथ ही इस लेख में जानेंगे कि शनि देव की क्या कथा है (Shani Dev Katha)। 

शनि जयंती शुभ मुहूर्त (Shani Jayanti Shubh Muhurat 2026)


शनि जयंती प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ महीने के अमावस्या तिथि को आती है। इस साल अमावस्या तिथि का प्रारंभ 16 मई को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर हो रहा है और वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 17 मई को तड़के 1 बजकर 30 मिनट पर होगा। 
ब्रह्म मुहूर्त    04:07 ए एम से 04:48 ए एम    
प्रातः सन्ध्या    04:27 ए एम से 05:30 ए एम
अभिजित मुहूर्त    11:50 ए एम से 12:45 पी एम    
विजय मुहूर्त    02:34 पी एम से 03:28 पी एम
गोधूलि मुहूर्त    07:04 पी एम से 07:25 पी एम    
सायाह्न सन्ध्या    07:05 पी एम से 08:08 पी एम
अमृत काल    01:15 पी एम से 02:40 पी एम    
निशिता मुहूर्त    11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 17



शनि जंयती कथा (Shani Dev Katha)


शनि देव सूर्य देव के पुत्र हैं और पौराणिक कथा के अनुसार कहा जाता है कि जब सूर्य देव गर्भाधान के लिए अपनी पत्नी छाया के समीप जाते हैं तो छाया उनका प्रचंड तेज नहीं सहन कर पातीं और अपनी आँखें बंद कर लेती हैं। समय के साथ छाया के गर्भ से शनि देव का जन्म होता है यानी कि ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि देव जन्म लेते हैं, लेकिन यह देखकर सूर्य देव प्रसन्न नहीं होते, क्योंकि शनि श्याम वर्ण यानि कि उनका रंग काला था। जहाँ एक तरफ सूर्य का प्रचंड तेज़ था, वहीं दूसरी तरफ शनि देव श्याम वर्ण के और यह देखकर सूर्य देव अपनी पत्नी छाया पर आरोप लगाते हैं कि यह उनका पुत्र नहीं हो सकता और यही कारण है कि पिता पुत्र होने के बाद भी शनि और सूर्य के बीच शत्रुता है। शनि देव इस बात से बहुत ही अपमान महसूस करते हैं। उसके बाद वो अनेक वर्षों तक भगवान शिव से वरदान प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या करने लगते हैं। शनि देव की भक्ति से प्रसन्न होकर शिव जी उसके सामने प्रकट हुए और वर मांगने को कहा, वह अपनी आप बीती महादेव को बताते हैं, तब भगवान उन्हें वर देते हैं कि पूरे नवग्रहों से सर्वश्रेष्ठ कहलाओगे और इस संसार के न्यायाधीश भी तुम ही रहोगे।

Related Puja

बुध ग्रह प्रबलता एवं सफलता प्राप्ति अनुष्ठान
Strengthen the Planet Mercury

बुध ग्रह प्रबलता एवं सफलता प्राप्ति अनुष्ठान

Wed 17 June 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
Prasad Box
497 devotees have booked this puja
Book Puja
बुध ग्रह प्रबलता एवं सफलता प्राप्ति अनुष्ठान
Strengthen the Planet Mercury

बुध ग्रह प्रबलता एवं सफलता प्राप्ति अनुष्ठान

Wed 17 June 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
Prasad Box
497 devotees have booked this puja
Book Puja

Talk to Astrologer

View all

Connect with India's best astrologers

नीलकंठ

नीलकंठ

22/min18/min
सुयश

सुयश

25/min₹5/min
टैरो कुंदन जी

टैरो कुंदन जी

22/min₹5/min
टैरो रोमी

टैरो रोमी

26/min₹5/min
रवि शुक्ला

रवि शुक्ला

22/min₹5/min
View all
बुध ग्रह प्रबलता एवं सफलता प्राप्ति अनुष्ठान
Strengthen the Planet Mercury

बुध ग्रह प्रबलता एवं सफलता प्राप्ति अनुष्ठान

Wed 17 June 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
Prasad Box
497 devotees have booked this puja
Book Puja
बुध ग्रह शांति पूजा
Increase in positivity in life.

बुध ग्रह शांति पूजा

Wed 17 June 2026
Navgrah Shani Mandir,Ujjain Madhya Pradesh
Prasad Box
224 devotees have booked this puja
Book Puja
गुरु ग्रह शांति पूजा
Stability In Life

गुरु ग्रह शांति पूजा

Thu 18 June 2026
Navgrah Shani Mandir, Ujjain Madhya Pradesh
Prasad Box
399 devotees have booked this puja
Book Puja

Reconnect with your Faith

UserUserUser
Trusted by 1 Lakh Devotees
100% Secure