
हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को विवाह, संतान, भाग्य और ज्ञान का कारक माना गया है। अगर किसी जातक की कुंडली में गुरु कमजोर हो या गुरु दोष है, तो उसके विवाह में बाधाएं आती हैं, रिश्ते बनते-बनते टूट जाते हैं या शादी में बिना वजह देरी होती है, तो उन्हें गुरुवार के दिन कुछ अचूक उपाय जरूर आजमाने चाहिए। इससे विवाह से जुड़ी सभी मुश्किलें दूर हो जाती हैं।
विवाह में आ रही बाधा को दूर करने के लिए गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा सबसे असरदार मानी जाती है। इस दिन सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें। केले के पेड़ के पास जाकर जल में थोड़ी हल्दी मिलाकर अर्पित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाएं और बृहस्पति देव के मंत्र "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" का 108 बार जप करें। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से जल्द ही विवाह के योग बनते हैं।
गुरुवार को भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है। ऐसे में इस दिन उन्हें पीले फूल, चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएं। पूजा के बाद "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप करें। इससे कुंडली में मौजूद गुरु दोष शांत होता है और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
विवाह योग्य जातक गुरुवार का व्रत रखें। साथ ही इस दिन नमक का सेवन करने से बचें और केवल पीले रंग के भोजन का ही सेवन करें। साथ ही बृहस्पतिवार की व्रत कथा पढ़ें या सुनें। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से व्रत रखने पर भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और मनचाहे जीवनसाथी का आशीर्वाद देते हैं।
गुरुवार के दिन नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी मिलाकर स्नान करें और माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। ऐसा करने से कुंडली में गुरु की स्थिति अच्छी होती है और विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।
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