
झूला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज
झूला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज,
राधा संग में झूलें कान्हा झूमें अब तो सारा बाग़,
झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज,
नैन भर के रस का प्याला देखे श्यामा को नदं लाला,
घन बरसे उमड़ उमड़ के देखों नृत्य करे बृज बाला,
छमछम करती ये पायलियाँ खोले मन के सारे राज,
झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज।
झूला तो पड़ गए अमवा की डाल,
सखियां झूलें डार-डार।
आई हरियाली तीज सुहानी,
सज गई सखियों की टोली निराली।
मेहंदी रच गई हाथों में आज,
चूड़ी खनके बारंबार।
झूला तो पड़ गए अमवा की डाल,
सखियां झूलें डार-डार।
पीहर से आई चुनरी प्यारी,
सज गई गोरी आज न्यारी।
सावन बरसे रिमझिम-रिमझिम,
मन में उठे उमंग अपार।
3.तीज आई रे, हरियाली तीज आई रे,
सावन की फुहार संग खुशियां लाई रे।
झूले पड़े हैं नीम की डाली,
सज-धज आईं सखियां मतवाली।
हाथों में मेहंदी, माथे बिंदिया,
मन में बसी है शंकर की मूरत प्यारी।
तीज आई रे, हरियाली तीज आई रे,
सावन की फुहार संग खुशियां लाई रे।
गौरा मैया का पूजन होगा,
शिव शंकर का मन भावेगा।
सुख-समृद्धि की आस लिए,
हर सुहागिन व्रत निभाए रे।
सावन आया झूम के,
बादल बरसे घूम के।
आओ सखियों झूला झूलें,
गीत गाएं मिल-जुल के।
नीम की डाली झूला डाला,
आया तीज का त्योहार।
हरी चुनरिया, हरी चूड़ियां,
सज गया सारा संसार।
सावन आया झूम के,
बादल बरसे घूम के।
गौरा संग भोलेनाथ विराजें,
मन में भर दें प्यार।
हरियाली तीज की बेला आई,
खुशियों की बौछार।
मेहंदी रच गई हाथों में,
सावन आया साथ में।
तीज का पर्व सुहाना लागे,
खुशियां हैं हर बात में।
हरी चूड़ी छनके रे,
पायलिया भी खनके रे।
सखियां मिलकर गीत सुनाएं,
मनवा आज न थमके रे।
मेहंदी रच गई हाथों में,
सावन आया साथ में।
शिव-गौरा की पूजा करके,
मांगें सुख संसार में।
अखंड सुहाग रहे जीवन भर,
यही अरमान हर नारी के मन में।
सखियां झूला डालो रे,
सावन की ऋतु आई।
बादल गरजे, पपीहा बोले,
मन में खुशियां छाई।
आम की डाली, नीम की डाली,
झूला पड़े सुहाना।
हंसती-गाती सखियों संग,
बीते आज जमाना।
सखियां झूला डालो रे,
सावन की ऋतु आई।
हरी चुनरिया ओढ़ के गोरी,
आंगन में मुस्काई।
तीज मनाने आई सखियां,
मिलकर धूम मचाई।
शिव-गौरा की तीज मनाएं,
मिलकर मंगल गीत सुनाएं।
गौरा मैया का श्रृंगार करें,
भोलेनाथ को मन में ध्याएं।
सावन की रिमझिम फुहार,
लाए खुशियां अपार।
तीज का पावन पर्व है आया,
सज गया सारा संसार।
शिव-गौरा की तीज मनाएं,
मिलकर मंगल गीत सुनाएं।
सुखी रहे हर घर-परिवार,
बना रहे प्रेम अपार।
भोले बाबा कृपा बरसाएं,
हर जीवन हो खुशहाल।
अरी सखी सावन आयो,
मन में उमंग जगायो।
काली घटा घिर आई रे,
रिमझिम पानी बरसायो।
झूला पड़ा पीपल की डाली,
सज गई गोरी मतवाली।
चूड़ी खनके, पायल बाजे,
हंसी खुशी घर आंगन छायो।
अरी सखी सावन आयो,
मन में उमंग जगायो।
मायके की याद आई रे,
मन में मीठी आस जगाई रे।
तीज के दिन सखियों संग,
गोरी ने गीत सुनायो।
हरियाली तीज का त्योहार आया,
सावन संग खुशियां लाया।
हरी चूड़ी और हरी चुनरिया,
गोरी ने आज श्रृंगार सजाया।
मेहंदी वाले हाथ सजे हैं,
झूले पे अरमान सजे हैं।
सखियों संग जब गीत सुनाए,
मन के सारे राज खुले हैं।
हरियाली तीज का त्योहार आया,
सावन संग खुशियां लाया।
गौरा-शंकर को शीश नवाएं,
सुख-समृद्धि का वर पाएं।
प्रेम रहे हर रिश्ते में,
मंगल दीप घर-घर जलाएं।
सावन की आई बहार,
तीज का आया त्योहार।
झूले झूलें सखियां सारी,
गूंजे गीतों की झंकार।
घिर-घिर आए काले बादल,
बरसे बूंदें प्यार की।
हरी चूड़ियां, हरी चुनरिया,
छटा निराली श्रृंगार की।
सावन की आई बहार,
तीज का आया त्योहार।
शिव-गौरा का नाम जपें हम,
मन में रखें विश्वास।
सुखी रहे हर सुहागिन का जीवन,
भोले बाबा की रहे आस।
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