
भगवान श्री हरि विष्णु के दशावतारों का विशेष महत्व है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह देव के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे वराह जयंती कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब असुर हिरण्याक्ष ने देवी पृथ्वी को समुद्र में जाकर बंधक बना दिया था, तब भगवान विष्णु ने वराह का रूप धारण करके हिरण्याक्ष का वध किया और पृथ्वी को अपने दांतों पर उठाकर फिर से स्थापित किया था। इस साल वराह जयंती की सही तिथि को लेकर लोगों में थोड़ी कन्फ्यूजन है, तो आइए यहां पंचांग के अनुसार वराह जयंती की सही डेट जानते हैं।
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर की सुबह 7 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 14 सितंबर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर वराह जयंती 13 सितंबर, दिन रविवार को मनाई जाएगी।
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