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आज का पंचांग

अपने दिन की शुरुआत आज के शुभ मुहूर्त के साथ करें

Locationस्थान
20/08/2026
Sun Rise
सूर्योदय05:52 AM
Sun Set
सूर्यास्त06:55 PM
Moon Rise
चंद्रोदय01:09 PM
Moon Set
चंद्रास्त11:28 PM
20 Augअष्टमी
Swastik

आज का पंचांग

तिथि
अष्टमी
तिथि
नवमी
नक्षत्र
विशाखा
नक्षत्र
अनुराधा
करण
विष्टि (भद्रा)
करण
बव
करण
बालव
पक्ष
शुक्ल पक्ष
योग
ब्रह्म
योग
इन्द्र
वार
बुधवार
वार
गुरुवार
ऋतु
वर्षा
Swastik

हिंदू महीना और वर्ष

अमांत मास (माह)श्रावण
पूर्णिमांत मास (माह)श्रावण
विक्रम संवत2083 - सिद्धार्थी
शक संवत1948 - पराभव
Swastik

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM12:49 PM
Swastik

अशुभ मुहूर्त

राहु काल12:23 PM02:00 PM
यमगंड07:33 AM09:09 AM
गुलिक काल10:46 AM12:23 PM

क्या आपके कोई प्रश्न हैं?

तिथि हिंदू कैलेंडर में चंद्र आधारित दिन है। यह सूरज और चांद के बीच एंगुलर संबंध को दिखाता है और इसका इस्तेमाल रस्मों, व्रतों और त्योहारों के लिए शुभ और अशुभ समय तय करने के लिए किया जाता है। हर तिथि का अपना महत्व और आध्यात्मिक असर होता है।

वैदिक ज्योतिष में नक्षत्र का मतलब 27 नक्षत्रों से है। हर नक्षत्र पर्सनैलिटी, रोजाना के कामों और ज़रूरी घटनाओं के समय पर असर डालता है। शादियों, बिज़नेस और दूसरे समारोहों के लिए अच्छा नक्षत्र चुनना जरूरी माना जाता है।

राहु काल हर दिन का एक खास समय होता है जिसे अशुभ माना जाता है। यह छाया ग्रह राहु से जुड़ा है और आमतौर पर नए काम, यात्रा या जरूरी काम शुरू करने के लिए इससे बचा जाता है। रोजाना के काम जारी रह सकते हैं, लेकिन बड़ी शुरुआत आमतौर पर टाल दी जाती है।

रोज़ाना का पंचांग किसी खास जगह के लिए सूरज, चांद और ग्रहों की स्थिति जैसे खगोलीय डेटा के साथ-साथ सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का इस्तेमाल करके गणना की जाती है। यह दिन को तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार में बांटता है, जो मिलकर शुभ और अशुभ समय तय करते हैं।

हां, जगह के हिसाब से पंचांग बदलता है। क्योंकि सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति जगह के हिसाब से अलग-अलग होती है, इसलिए तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त और राहुकाल का समय एक शहर से दूसरे शहर में अलग हो सकता है। इसलिए, अपनी जगह के लिए खास तौर पर बनाया गया पंचांग देखना जरूरी है।

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