गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त 2026 | Griha Pravesh Muhurat 2026
गृह प्रवेश मुहूर्त 2026: Griha Pravesh Muhurat
क्या आप नए घर में प्रवेश करने का विचार कर रहे हैं और गृह प्रवेश के लिए सही समय का चयन नहीं कर पा रहे? 2026 में गृह प्रवेश के लिए कई शुभ मुहूर्त बनेंगे जिनमें आप अपने नए घर में दिव्य आशीर्वाद के साथ प्रवेश कर सकते हैं। लेकिन उससे पहले गृह प्रवेश के महत्व को समझना जरूरी है।
गृह प्रवेश की महत्ता
हिंदू धर्म में गृह प्रवेश यानी कि नए घर में आगमन होना, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। नए घर में प्रवेश करने से पूर्व, गृह प्रवेश का धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है जिसके परिणाम में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा आपके घर में प्रवेश करती हैं।
नए घर में प्रवेश करना केवल आवास बदलने से कई बढ़ कर है। नए घर में आगमन, ऊर्जाओं और देवीय शक्तियों के प्रभाव को भी दर्शाता है। इसलिए गृह प्रवेश के धार्मिक अनुष्ठानों के लिए शुभ दिन और मुहूर्त का चयन करना अति आवश्यक है। मान्यता है कि ऐसा करने से धन, वैभव और सफलता आपके आवास में प्रवेश करती हैं।
2026 में गृह प्रवेश के लिए कई शुभ संयोग बनने जा रहे हैं जिनमें आप विधिवत पूजा करके सरल और शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर सकते हैं। इसके अलावा गृह सुरक्षा भी बनी रहती है।.
गृह प्रवेश मुहूर्त 2026: शुभ दिन और मुहूर्त
नए घर के मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी! हिंदू पंचांग के मुताबिक, 2026 में गृह प्रवेश के पवित्र धार्मिक अनुष्ठान के लिए कई शुभ मुहूर्त बनेंगे। अगर आपने भी नए घर में रहने की योजना बनाई है तो इस गाइड के द्वारा 2026 में गृह प्रवेश के लिए बनने वाले शुभ मुहूर्तों की जानकारी हम आपको देंगे।
नक्षत्रों की दशा को देखते हुए हमने अनुष्ठानों के लिए शुभ तारीखों को इस सूची में शामिल किया है।
जनवरी गृह प्रवेश शुभ मुहूर्त: (January Griha Pravesh Muhurat 2026)
यदि आप भी 2026 की शुरुआत नए घर में जाकर करना चाहते हैं, तो आपको थोड़ी निराशा हासिल हो सकती है क्योंकि हिंदू पंचांग के अनुसार, जनवरी 2026 में गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त बनते नजर नहीं आ रहे हैं।
परंपरानुसार , मान्यता है कि कोई भी धार्मिक अनुष्ठान ग्रहों और नक्षत्रों की दशा को देखकर ही तय किया जाता है ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो।
फरवरी गृह प्रवेश मुहूर्त: (February Griha Pravesh Muhurat 2026)
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फरवरी के महीने में गृह प्रवेश के लिए कई शुभ दिन माने जा रहे हैं। 2026 में, इस अनुष्ठान के लिए छह शुभ मुहूर्त बनते नजर आ रहे हैं जो निम्न तारीखों पर हैं- 6 फरवरी, 11 फरवरी, 19 फरवरी, 20 फरवरी, 21 फरवरी और 25 फरवरी। ये समय नए घर में प्रवेश करने के लिए सर्वोत्तम है।
| तारीख | दिन | मुहूर्त | तिथि | नक्षत्र |
|---|---|---|---|---|
| 6 फरवरी | शुक्रवार | रात्रि 12 बजकर 23 मिनट से 7 बजकर की रात्रि 1 बजकर 18 मिनट तक | पंचमी, षष्ठी | चित्रा, हस्त |
| 11 फरवरी | बुधवार | रात्रि 9 बजकर 58 मिनट से रात्रि 10 बजकर 53 मिनट तक | नवमी, दशमी | ज्येष्ठ, अनुराधा |
| 19 फरवरी | गुरुवार | शाम 8 बजकर 52 मिनट से 20 फरवरी सुबह 6 बजकर 55 मिनट तक | तृतीया | उत्तराभाद्रपद |
| 20 फरवरी | शुक्रवार | सुबह 6 बजकर 55 मिनट से दोपहर 2 बजकर 38 मिनट तक | तृतीया | उत्तराभाद्रपद |
| 21 फरवरी | शनिवार | दोपहर 1 बजे से लेकर शाम 7 बजकर 7 मिनट तक | पंचमी | रेवती |
| 25 फरवरी | बुधवार | रात्रि 2 बजकर 40 मिनट से 26 फरवरी सुबह 6 बजकर 49 मिनट तक | दशमी | मृगशिरा |
मार्च गृह प्रवेश मुहूर्त: (March Griha Pravesh Muhurat 2026)
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, मार्च में कई तारीखें गृह प्रवेश के अनुष्ठान के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही हैं। मार्च 2026 में ये दिन नए घर में प्रवेश करने के लिए सर्वोत्तम हैं- 4 फरवरी, 5 फरवरी, 6 फरवरी, 9 फरवरी, 13 फरवरी और 14 फरवरी।
| तारीख | दिन | मुहूर्त | तिथि | नक्षत्र |
|---|---|---|---|---|
| 4 मार्च | बुधवार | सुबह 7 बजकर 39 मिनट से 5 मार्च की सुबह 6 बजकर 42 मिनट तक | प्रतिपदा, द्वितीया | उत्तराफाल्गुनी |
| 5 मार्च | गुरुवार | सुबह 6 बजकर 42 मिनट से 8 बजकर 17 मिनट तक | द्वितीया | उत्तराफाल्गुनी |
| 6 मार्च | शुक्रवार | सुबह 9 बजकर 29 मिनट से शाम 5 बजकर 53 मिनट तक | तृतीया | चित्रा |
| 9 मार्च | सोमवार | रात्रि 11 बजकर 27 मिनट से 10 मार्च सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक | सप्तमी | अनुराधा |
| 13 मार्च | शुक्रवार | रात्रि 3 बजकर 3 मिनट से 14 मार्च की सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक | दशमी | उत्तराषाढ़ा |
| 14 मार्च | शनिवार | सुबह 6 बजकर 32 मिनट से 15 मार्च की सुबह 4 बजकर 49 मिनट तक | दशमी, एकादशी | उत्तराषाढ़ा |
अप्रैल गृह प्रवेश मुहूर्त: (April Griha Pravesh Muhurat 2026)
पंचांग मुताबिक, अप्रैल 2026 में गृह प्रवेश के लिए केवल एक शुभ मुहूर्त बनता नजर आ रहा है। नए घर में प्रवेश के लिए ये शुभ संयोग 20 अप्रैल को बनेगा।
| तारीख | दिन | मुहूर्त | तिथि | नक्षत्र |
|---|---|---|---|---|
| 20 अप्रैल | सोमवार | सुबह बजकर 51 मिनट से बजकर 27 मिनट तक | तृतीया | रोहिणी |
मई गृह प्रवेश मुहूर्त : (May Griha Pravesh Muhurat 2026)
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, मई में कुछ विशेष तारीखों पर आप गृह प्रवेश का अनुष्ठान कर सकते हैं। मई 2026 में तीन अत्यंत शुभ मुहूर्त बनते नजर आएंगे- 4 मई, 8 मई और 13 मई।
| तारीख | दिन | मुहूर्त | तिथि | नक्षत्र |
|---|---|---|---|---|
| 4 मई | सोमवार | सुबह 5 बजकर 38 मिनट से 9 बजकर 58 मिनट तक | तृतीया | अनुराधा |
| 8 मई | शुक्रवार | दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से रात्रि 9 बजकर 20 मिनट तक | सप्तमी | उत्तराषाढ़ा |
| 13 मई | बुधवार | सुबह 5 बजकर 32 मिनट से दोपहर 1 बजकर 29 मिनट तक | एकादशी | उत्तराभाद्रपद |
जून गृह प्रवेश मुहूर्त: (June Griha Pravesh Muhurat 2026)
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, जून में कुछ तारीखों को अत्यंत शुभ माना जा रहा है जिसमें आप गृह प्रवेश करा सकते हैं। जून 2026 में, तीन तारीखों को शुभ बताया जा रहा है- 24 जून, 26 जून और 27 जून। इन तीन दिनों पर विशेष मुहूर्त बनेंगे।
| तारीख | दिन | मुहूर्त | तिथि | नक्षत्र |
|---|---|---|---|---|
| 24 जून | बुधवार | सुबह 5 बजकर 25 मिनट से दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक | दशमी | चित्रा |
| 26 जून | शुक्रवार | रात्रि 10 बजकर 22 मिनट से 27 जून की सुबह 5 बजकर 25 मिनट | त्रयोदशी | अनुराधा |
| 27 जून | शनिवार | सुबह 5 बजकर 25 मिनट से रात्रि 10 बजकर 11 मिनट तक | त्रयोदशी | अनुराधा |
जुलाई गृह प्रवेश मुहूर्त : (July Griha Pravesh Muhurat 2026)
हिंदू पंचांग के अनुसार, जुलाई में कुछ तारीखों को गृह प्रवेश अनुष्ठान के लिए विशेष माना जा रहा है। जुलाई 2026 में 1 जुलाई, 2 जुलाई और 6 जुलाई को अनुकूल मुहूर्त बनेंगे।
| तारीख | दिन | मुहूर्त | तिथि | नक्षत्र |
|---|---|---|---|---|
| 1 जुलाई | बुधवार | सुबह 6 बजकर 51 मिनट से 2 जुलाई की सुबह 5 बजकर 27 मिनट तक | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा |
| 2 जुलाई | गुरुवार | सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 9 बजकर 27 मिनट तक | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा |
| 6 जुलाई | सोमवार | शाम 4 बजकर 7 मिनट से 7 जुलाई की सुबह 5 बजकर 29 मिनट तक | सप्तमी | उत्तराभाद्रपद |
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त
दुर्भाग्यवश, 2026 में अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में गृह प्रवेश के अनुष्ठान के लिए कोई मुहूर्त नहीं है। ग्रहों की दशा अनुकूल ना होने के कारण इन महीनों में गृह प्रवेश के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं दिए गए हैं। लेकिन चिंता की बात नहीं है क्योंकि शुभ तारीखें आगे आएंगी।
नवंबर गृह प्रवेश मुहूर्त : (November Griha Pravesh Muhurat 2026)
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, नवंबर के महीने को गृह प्रवेश के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। नवंबर 2026 में, गृह प्रवेश के लिए कुल छह शुभ मुहूर्त बन रहे हैं- 11 नवंबर, 14 नवंबर, 20 नवंबर, 21 नवंबर, 25 नवंबर और 26 नवंबर।
| तारीख | दिन | मुहूर्त | तिथि | नक्षत्र |
|---|---|---|---|---|
| 11 नवंबर | बुधवार | सुबह 6 बजकर 40 मिनट से 11 बजकर 38 मिनट तक | द्वितीया | अनुराधा |
| 14 नवंबर | शनिवार | शाम 8 बजकर 24 मिनट से रात्रि 11 बजकर 23 मिनट तक | पंचमी | उत्तराषाढ़ा |
| 20 नवंबर | शुक्रवार | सुबह 6 बजकर 56 मिनट से 21 नवंबर की सुबह 6 बजकर 31 मिनट तक | एकादशी | उत्तराभाद्रपद |
| 21 नवंबर | शनिवार | सुबह 4 बजकर 56 मिनट से 22 नवंबर की सुबह 5 बजकर 54 मिनट तक | द्वादशी, त्रयोदशी | अश्विनी, रेवती |
| 25 नवंबर | बुधवार | सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 26 नवंबर की सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक | प्रतिपदा, द्वितीया | रोहिणी, मृगशिरा |
| 26 नवंबर | गुरुवार | सुबह 6 बजकर 52 मिनट से शाम 5 बजकर 47 मिनट तक | द्वितीया, तृतीया | मृगशिरा |
दिसंबर गृह प्रवेश मुहूर्त: (December Griha Pravesh Muhurat 2026)
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, दिसंबर में भी गृह प्रवेश के लिए कई शुभ मुहूर्त बनते नजर आएंगे। दिसंबर 2026 में कुल आठ मुहूर्त बन रहे हैं- 2 दिसंबर, 3 दिसंबर, 4 दिसंबर, 11 दिसंबर, 12 दिसंबर, 18 दिसंबर, 19 दिसंबर और 30 दिसंबर पर।
| तारीख | दिन | मुहूर्त | तिथि | नक्षत्र |
|---|---|---|---|---|
| 2 दिसंबर | बुधवार | रात्रि 10 बजकर 51 मिनट से 3 दिसंबर की सुबह 6 बजकर 58 मिनट | दशमी | उत्तराफाल्गुनी |
| 3 दिसंबर | गुरुवार | सुबह 6 बजकर 58 मिनट से 9 बजकर 23 मिनट तक | दशमी | उत्तराफाल्गुनी |
| 4 दिसंबर | शुक्रवार | सुबह 10 बजकर 22 मिनट से रात्रि 11 बजकर 44 मिनट तक | एकादशी | चित्रा |
| 11 दिसंबर | शुक्रवार | रात्रि 3 बजकर 4 मिनट से 12 दिसंबर की सुबह 7 बजकर 4 मिनट तक | तृतीया | उत्तराषाढ़ा |
| 12 दिसंबर | शनिवार | सुबह 7 बजकर 4 मिनट से दोपहर 2 बजकर 6 मिनट तक | तृतीया | उत्तराषाढ़ा |
| 18 दिसंबर | शुक्रवार | रात्रि 11 बजकर 14 मिनट से 19 दिसंबर की सुबह 7 बजकर 9 मिनट तक | दशमी | रेवती |
| 19 दिसंबर | शनिवार | सुबह 7 बजकर 9 मिनट से दोपहर 3 बजकर 58 मिनट तक | दशमी | रेवती |
| 30 दिसंबर | बुधवार | सुबह 7 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक | सप्तमी | उत्तराफाल्गुनी |

