
दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत धनतेरस (Dhanteras 2026) से होती है। इस दिन सोना, चांदी, पीतल या नए बर्तन खरीदने की पुरानी परंपरा रही है। ऐसा माना जाता है कि धनतेरस के दिन घर में कोई नई वस्तु लाने से मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर जी की कृपा पूरे साल बनी रहती है। लेकिन हर साल सोने या चांदी के महंगे सिक्के या आभूषण खरीदना हर किसी के बजट में शामिल हो, यह जरूरी नहीं है। अगर इस बार आपका बजट सोना-चांदी खरीदने का नहीं है, तो बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। धार्मिक मान्यताओं में कुछ ऐसी शुभ चीजें बताई गई हैं, जिन्हें धनतेरस के दिन घर लाने से उतना ही पुण्य और बरकत मिलती है, जितनी सोना खरीदने पर मिलती है। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ खास चीजों के बारे में।
धनतेरस के दिन साबुत धनिया खरीदना सबसे शुभ और अचूक उपाय माना जाता है। बाजार से थोड़ा सा सूखा साबुत धनिया खरीदकर घर लाएं। पूजा के समय इसे माता लक्ष्मी को अर्पित करें। दीवाली के बाद इस धनिया को अपने घर के गमले या बगीचे में बो दें। ऐसा माना जाता है कि जैसे-जैसे धनिया के पौधे हरी पत्तियों के रूप में उगेंगे, वैसे-वैसे आपके घर में सुख-समृद्धि और धन का विस्तार होगा।
अगर आप सोने-चांदी के बर्तन नहीं खरीद सकते, तो कोई बात नहीं। पीतल या तांबे का एक छोटा सा बर्तन खरीद लें। पीतल को भगवान धनवंतरी की धातु माना जाता है, क्योंकि समुद्र मंथन के समय वे अपने हाथों में कलश लेकर प्रकट हुए थे। ध्यान रखें कि घर लाते समय बर्तन को खाली न लाएं, उसमें थोड़े चावल या शक्कर भरकर लाएं।
धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना मां लक्ष्मी का स्वागत करने का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। झाड़ू हमारे घर की गंदगी और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर करती है। ऐसा माना जाता है कि नई झाड़ू घर लाने से मां लक्ष्मी का वास होता है और घर की दरिद्रता दूर होती है।
पीले रंग की कौड़ियां या गोमती चक्र मां लक्ष्मी को बेहद प्रिय हैं। ऐसे में धनतेरस के दिन 5 या 11 पीली कौड़ियां खरीदकर लाएं और रात को माता लक्ष्मी की पूजा के दौरान उनकी पूजा करें। इसके बाद इन कौड़ियों को एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या अलमारी में रख लें। इससे घर में कभी भी पैसों की तंगी नहीं होती है।
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