Logo

Govats Dwadashi 2026: संतान सुख और समृद्धि के लिए कैसे करें गौ पूजन? पढ़ें घर पर पूजा की सरल विधि

Vaishnavi DwivediVaishnavi DwivediUpdated 07 Sep 2026 12:47 PM IST
Govats Dwadashi 2026: संतान सुख और समृद्धि के लिए कैसे करें गौ पूजन? पढ़ें घर पर पूजा की सरल विधि

Special Things

Govatsa Dwadashi 2026: गोवत्स द्वादशी यानी बछ बारस के दिन घर बैठे गौ माता और बछड़े की पूजा कैसे करें? आइए यहां सही पूजा विधि और धार्मिक महत्व जानते हैं।
सनातन धर्म में गाय को केवल एक पशु नहीं, बल्कि गौ माता के रूप में पूजनीय माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, गौ माता में 33 कोटि देवी देवताओं का वास होता है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को गोवत्स द्वादशी मनाई जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल यह 8 सितंबर को मनाई जाएगी। इसे कई राज्यों में बछ बारस के रूप में भी बेहद श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। कहते हैं कि यह व्रत संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन गौ माता और उनके बछड़े की एक साथ पूजा का विधान है। ऐसे अगर आपके आसपास गाय या बछड़ा नहीं हैं, तो आप घर बैठे भी इस पूजा को पूरी भक्ति के साथ कर सकते हैं। आइए यहां इस पर्व से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

घर बैठे कैसे करें गौ माता और बछड़े की पूजा? (Govatsa Dwadashi 2026 Puja Vidhi)

आकृति या प्रतिमा की स्थापना

घर के मंदिर में एक चौकी पर साफ पीला या लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर गाय और बछड़े की पीतल, मिट्टी या चांदी की मूर्ति स्थापित करें। अगर मूर्ति न हो, तो आप गीली मिट्टी से गाय-बछड़े की आकृति बना सकते हैं या उनकी तस्वीर रख सकते हैं।

अभिषेक और तिलक

गाय और बछड़े की प्रतिमा पर गंगाजल छिड़कें। इसके बाद हल्दी, रोली, चंदन और अक्षत से उनका तिलक करें।

वस्त्र व माला अर्पित करें

गौ माता और बछड़े को मौली के रूप में वस्त्र अर्पित करें और ताजे फूलों की माला पहनाएं।

भोग 

गोवत्स द्वादशी के दिन गौ माता को भीगे हुए चना, बाजरा, अंकुरित मूंग और गुड़ का भोग लगाया जाता है। घर में बनी बाजरे की रोटी या मक्के की पूरी भी अर्पित कर सकते हैं।

धूप-दीप और आरती

देशी घी का दीपक और धूप जलाएं। इसके बाद गोवत्स द्वादशी की कथा सुनें और गौ माता की आरती उतारें।

गोवत्स द्वादशी के नियम 

  • गाय के दूध और दही का वर्जित होना: इस दिन व्रत रखने वाले और परिवार के सदस्यों को गाय के दूध, दही, घी या मक्खन का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
  • गेहूं और चावल का परहेज: इस पर्व पर गेहूं से बनी चीजें (जैसे रोटी, हलवा) और चावल खाने की मनाही होती है। इस दिन बाजरा, मक्का, ज्वार या फलाहारी अनाज का सेवन किया जाता है।
  • काटने वाली चीजों का प्रयोग न करें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चाकू या छिलनी से काटी गई चीजें नहीं खाई जाती हैं। अंकुरित अनाज या साबुत अनाज का भोजन बनाया जाता है।

गोवत्स द्वादशी का धार्मिक महत्व (Govatsa Dwadashi 2026 Significance)

पुराणों के अनुसार, गोवत्स द्वादशी का व्रत रखने से संतान पर आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और उनकी सेहत अच्छी  रहती है, जिन लोगों को संतान से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें यह व्रत जरूर रखना चाहिए। इस दिन गौ सेवा और गौ पूजन करने से घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है और सभी पापों का नाश होता है।

Related Puja

काल सर्प दोष निवारण पूजा
To remove marriage delays and improve marital harmony.

काल सर्प दोष निवारण पूजा

Mon 26 October 2026
Mrityunjay Mahadev Temple, Kashi
Prasad Box
166 devotees have booked this puja
Book Puja
काल सर्प दोष निवारण पूजा
To remove marriage delays and improve marital harmony.

काल सर्प दोष निवारण पूजा

Mon 26 October 2026
Mrityunjay Mahadev Temple, Kashi
Prasad Box
166 devotees have booked this puja
Book Puja

Talk to Astrologer

View all

Connect with India's best astrologers

टैरो अलका

टैरो अलका

₹28/min₹5/min
टैरो बीना जी

टैरो बीना जी

₹32/min₹5/min
टैरो प्रीति

टैरो प्रीति

₹26/min₹5/min
बालकेश

बालकेश

₹28/min₹5/min
वैदिक अखिलेश कुमार

वैदिक अखिलेश कुमार

₹45/min₹5/min
View all
काल सर्प दोष निवारण पूजा
To remove marriage delays and improve marital harmony.

काल सर्प दोष निवारण पूजा

Mon 26 October 2026
Mrityunjay Mahadev Temple, Kashi
Prasad Box
166 devotees have booked this puja
Book Puja
गुरु चांडाल शांति पूजा
Promotion in your job

गुरु चांडाल शांति पूजा

Thu 29 October 2026
Navgrah Shani Mandir,Ujjain Madhya Pradesh
Prasad Box
411 devotees have booked this puja
Book Puja
प्रेमवृद्धि अनुष्ठान- रिश्तों की मजबूती और स्थिरता के लिए
Positive changes in love life

प्रेमवृद्धि अनुष्ठान- रिश्तों की मजबूती और स्थिरता के लिए

Fri 30 October 2026
Mangla Gauri Temple, Kashi Khand
Prasad Box
463 devotees have booked this puja
Book Puja

Reconnect with your Faith

UserUserUser
Trusted by 1 Lakh Devotees
100% Secure