
हिंदू पंचांग के अनुसार, सभी महीनों में कार्तिक महीने को सबसे ज्यादा पवित्र और फलदायी माना गया है। यह महीना भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और तुलसी माता की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान किए गए छोटे-छोटे धार्मिक उपाय और दान-पुण्य व्यक्ति के जीवन के सभी संकटों को दूर कर देते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस पावन महीने में कुछ खास नियमों को अपनाकर आप मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि कार्तिक माह में कौन से उपाय करने चाहिए?
कार्तिक महीने में तुलसी की सेवा और पूजा का सबसे बड़ा महत्व बताया गया है। इस पूरे महीने रोज शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का एक दीपक जरूर जलाएं। शाम के समय "ॐ सुभगै नमः" या "ॐ वासुदेवाय नमः" मंत्र बोलते हुए तुलसी जी की कम से कम तीन परिक्रमा करें। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
हो पाए, तो कार्तिक माह में किसी पवित्र नदी में स्नान करना बहुत उत्तम माना जाता है। अगर नदी पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। इस महीने जरूरतमंदों को गर्म कपड़े, अन्न या फलों का दान करना बेहद पुण्य का काम माना जाता है।
कार्तिक महीने में दीपदान करने का विशेष विधान है। शाम के समय मुख्य द्वार पर, मंदिर में, पीपल के पेड़ के नीचे या किसी पवित्र नदी के पास आटे या मिट्टी के दीपक जलाने चाहिए। ऐसी मान्यता है कि दीपदान करने से जीवन के अंधेरे दूर होते हैं और राहु-केतु जैसे ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है।
शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक माह में खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। इस महीने कई लोग बैंगन, मूली, और तामसिक भोजन का त्याग करते हैं। इस महीने जितना हो सके सात्विक भोजन करें और जमीन पर सोना भी कई जगहों पर इस दौरान अच्छा माना गया है, जिससे शरीर और मन दोनों पवित्र रहते हैं।
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