
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को ग्रहों का राजा और आत्मा, पिता, मान-सम्मान का कारक माना गया है। सूर्य देव हर महीने अपनी राशि परिवर्तन करते हैं, जिसे संक्रांति कहा जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह से निकलकर अपने मित्र ग्रह बुध की राशि कन्या में गोचर करेंगे। इस गोचर को कन्या संक्रांति (Kanya Sankranti) के नाम से जाना जाता है। सूर्य का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आएगा, लेकिन 4 राशियां ऐसी हैं, जिनके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं रहेगा। आइए जानते हैं कि सूर्य गोचर से किन राशियों की किस्मत चमकने वाली है?
वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर पंचम भाव में होगा। छात्रों के लिए यह समय बहुत ही शुभ रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता मिलेगी। वहीं, नौकरी कर रहे लोगों की आय में वृद्धि होगी और पदोन्नति के योग बनेंगे। साथ ही शेयर बाजार या निवेश से अचानक धन लाभ हो सकता है।
सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं। कन्या राशि में सूर्य का प्रवेश आपकी राशि के दूसरे भाव में होगा। आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा। इसके साथ ही रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। वहीं, आपकी वाणी में भी इसका प्रभाव और निखार आएगा, जिससे कार्यक्षेत्र और परिवार में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।
वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए सूर्य का गोचर एकादश यानी लाभ भाव में होने जा रहा है। यह गोचर आपके लिए सबसे ज्यादा लाभदायी सिद्ध होगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे। इसके साथ ही सरकारी क्षेत्र या उच्च अधिकारियों से आपको भरपूर सहयोग मिलेगा।
धनु राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर दशम यानी कर्म भाव में होगा। दशम भाव में सूर्य बेहद बलवान होते हैं। नौकरी और कारोबार में बड़ी सफलता मिलेगी। अगर आप नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो आपको मनचाहा ऑफर मिल सकता है। इसके साथ ही कार्यक्षेत्र पर आपके काम की तारीफ होगी और सीनियर्स का पूरा साथ मिलेगा। सरकारी कामों में आ रही बाधाएं दूर होंगी।
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