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Amavasya Tithi 2026 List

Supriya Kandwal Supriya Kandwal Updated 4 Dec 2025

अमावस्या तिथि (Amavasya Tithi 2026)

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। यह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है, जब चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देता। हर साल 12 अमावस्या आती हैं, यानी प्रत्येक माह में एक अमावस्या होती है। अमावस्या का दिन पितृ दोष निवारण, पूजा और श्राद्ध कर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पितर पृथ्वी पर आते हैं, और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।

अमावस्या का धार्मिक महत्व (Religious significance of Amavasya)

अमावस्या के दिन पितरों की पूजा करने, श्राद्ध कर्म करने और भगवान शिव, माता लक्ष्मी और माता काली की पूजा करने का विशेष महत्व है। धार्मिक विश्वासों के अनुसार, इस दिन पितर अपने परिवार के पास आते हैं, और उनके प्रति श्रद्धा व सम्मान व्यक्त करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में कभी किसी चीज़ की कमी नहीं होती और धन, धान्य की वृद्धि होती है।

इस दिन किए गए दान का भी विशेष महत्व है। अमावस्या के दिन पितरों के नाम पर अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और पितृ प्रसन्न होते हैं। यह दिन पितृ ऋण से मुक्ति प्राप्त करने का भी उत्तम अवसर माना जाता है। इसके अलावा, अमावस्या तिथि पर खास तौर पर पूजा-पाठ, तर्पण और जप-तप करने का महत्व है, जो व्यक्ति के जीवन में शांति और सुख लाता है।

Amavasya Vrat Tithi Date List 2026


माहवारअमावस्या तिथितिथि प्रारंभतिथि समापन
जनवरीरविवार18 जनवरी12:03 AM, जनवरी 1801:21 AM, जनवरी 19
फरवरीमंगलवार17 फरवरी05:34 PM, फरवरी 1605:30 PM, फरवरी 17
मार्चबुधवार18 मार्च08:25 AM, मार्च 1806:52 AM, मार्च 19
अप्रैलशुक्रवार17 अप्रैल08:11 PM, अप्रैल 1605:21 PM, अप्रैल 17
मईशनिवार16 मई05:11 AM, मई 1601:30 AM, मई 17
जूनरविवार14 जून12:19 PM, जून 1408:23 AM, जून 15
जुलाईमंगलवार14 जुलाई06:49 PM, जुलाई 1303:12 PM, जुलाई 14
अगस्तबुधवार12 अगस्त01:52 AM, अगस्त 1211:06 PM, अगस्त 12
सितंबरबृहस्पतिवार10 सितंबर10:33 AM, सितम्बर 1008:56 AM, सितम्बर 11
अक्टूबरशनिवार10 अक्टूबर09:35 PM, अक्टूबर 0909:19 PM, अक्टूबर 10
नवंबररविवार8 नवंबर11:27 AM, नवम्बर 0812:31 PM, नवम्बर 09
दिसंबरमंगलवार8 दिसंबर04:12 AM, दिसम्बर 0806:21 AM, दिसम्बर 09

अमावस्या तिथि के विशेष दिन

अमावस्या तिथि का महत्व तब और बढ़ जाता है जब यह सोमवार, मंगलवार, या शनिवार को आती है। जब अमावस्या सोमवार को होती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं, जो विशेष फलदायी मानी जाती है। मंगलवार को होने वाली अमावस्या को भौमवती अमावस्या कहते हैं, और शनिवार को होने वाली अमावस्या को शनि अमावस्या कहा जाता है, जो शनि देव के अनुकूल मानी जाती है। इन विशेष तिथियों पर अमावस्या व्रत रखने और पूजा करने से और भी अधिक लाभ प्राप्त होता है।

अमावस्या के दिन किए जाने वाले कार्य

  • श्राद्ध कर्म और तर्पण:
    अमावस्या के दिन पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण करना विशेष रूप से फलदायी होता है। यह पितृ ऋण से मुक्ति दिलाने और घर में शांति बनाए रखने के लिए अत्यंत प्रभावी है।
  • दान और पूजा:
    अमावस्या के दिन अन्न, वस्त्र, और धन का दान करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और परिवार में समृद्धि आती है। साथ ही, भगवान शिव और माता लक्ष्मी की पूजा से भी घर में सुख-शांति रहती है।
  • ध्यान और साधना:
    इस दिन ध्यान, साधना और मंत्र जाप करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जो जीवन को संतुलित बनाती है।
  • नदी में स्नान:
    अमावस्या के दिन नदी या पवित्र जल में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

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