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Purnima Tithi 2026 List

Supriya Kandwal Supriya Kandwal Updated 4 Dec 2025

पूर्णिमा तिथि (Purnima Tithi 2026)

पूर्णिमा तिथि हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन को विशेष रूप से माँ लक्ष्मी की उपासना के लिए जाना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी का प्राकट्य इसी दिन हुआ था। इस दिन व्रत करने, पूजा अर्चना करने और सत्यनारायण की कथा सुनने से व्यक्ति को समृद्धि और शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही, इस दिन किए गए अच्छे कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है और मनुष्य की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

पूर्णिमा का दिन प्राकृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सूर्य और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण समुद्र में उच्च ज्वार आते हैं, जो इसे प्रकृति की शक्ति का प्रतीक बनाता है। इसके अलावा, इस दिन का महत्व आध्यात्मिक और मानसिक शांति के लिए भी बहुत अधिक है, क्योंकि यह दिन आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए बहुत उपयुक्त माना जाता है।

Purnima Vrat Tithi Date List 2026

अब हम 2026 में आने वाली पूर्णिमा तिथियों के बारे में जानेंगे। प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष के आखिरी दिन को पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि प्रत्येक माह में अलग-अलग होती है, और इस दिन विशेष पूजा और व्रत का आयोजन किया जाता है।

माहवारपूर्णिमा तिथितिथि प्रारंभतिथि समापन
जनवरीशनिवार3 जनवरी06:53 PM, जनवरी 0203:32 PM, जनवरी 03
फरवरीरविवार1 फरवरी05:52 AM, फरवरी 0103:38 AM, फरवरी 02
मार्चमंगलवार3 मार्च05:55 PM, मार्च 0205:07 PM, मार्च 03
अप्रैलबुधवार1 अप्रैल07:06 AM, अप्रैल 0107:41 AM, अप्रैल 02
मईशुक्रवार1 मई09:12 PM, अप्रैल 3010:52 PM, मई 01
मईशनिवार30 मई11:57 AM, मई 3002:14 PM, मई 31
जूनसोमवार29 जून03:06 AM, जून 2905:26 AM, जून 30
जुलाईबुधवार29 जुलाई06:18 PM, जुलाई 2808:05 PM, जुलाई 29
अगस्तबृहस्पतिवार27 अगस्त09:08 AM, अगस्त 2709:48 AM, अगस्त 28
सितंबरशनिवार26 सितंबर11:06 PM, सितम्बर 2510:18 PM, सितम्बर 26
अक्टूबररविवार25 अक्टूबर11:55 AM, अक्टूबर 2509:41 AM, अक्टूबर 26
नवंबरमंगलवार24 नवंबर11:42 PM, नवम्बर 2308:23 PM, नवम्बर 24
दिसंबरबुधवार23 दिसंबर10:47 AM, दिसम्बर 2306:57 AM, दिसम्बर 24

पूर्णिमा की वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टि

पूर्णिमा तिथि न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। हर महीने के शुक्ल पक्ष के अंतिम दिन सूर्य और चंद्रमा एक-दूसरे के सामने होते हैं, जिससे चंद्रमा का पूर्ण प्रकाश पृथ्वी पर आता है। इस कारण, यह समय शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला होता है।

आयुर्वेद में भी पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसे शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने का आदर्श समय माना जाता है। इस दिन पौधों में औषधीय गुण सबसे अधिक होते हैं, और इसे स्वास्थ्य लाभ के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, पूर्णिमा के दिन ध्यान और साधना करने से शरीर और मन में शांति का संचार होता है, जो व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है।

पूर्णिमा के दिन किए जाने वाले कार्य

पूर्णिमा के दिन कुछ खास कार्य किए जाते हैं, जिनसे जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है:

  • व्रत और पूजा:
    पूर्णिमा के दिन व्रत रखना और पूजा अर्चना करना विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन भगवान लक्ष्मी की पूजा करने से घर में समृद्धि और धन की वृद्धि होती है।
  • सत्यनारायण की कथा:
    सत्यनारायण की कथा सुनने से व्यक्ति के जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति होती है, साथ ही परिवार में खुशहाली बनी रहती है।
  • दान और सेवा:
    पूर्णिमा के दिन दान करना भी अत्यंत पुण्यकारी होता है। इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
  • ध्यान और साधना:
    पूर्णिमा के दिन ध्यान और साधना करने से आत्मिक शांति मिलती है और मानसिक तनाव दूर होता है।
  • पौधों की देखभाल:
    पूर्णिमा के दिन पौधों की देखभाल करने से आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से लाभ होता है, क्योंकि इस दिन पौधों में औषधीय गुण अधिक होते हैं।

पूर्णिमा के दिन किए जाने वाले कार्यों से जीवन में शांति और समृद्धि बनी रहती है, और यह दिन व्यक्ति के मानसिक, शारीरिक और आत्मिक विकास के लिए बहुत लाभकारी होता है।

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