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Pradosh Vrat 2026 List

Supriya Kandwal Supriya Kandwal Updated 4 Dec 2025

प्रदोष व्रत 2026 (Pradosh Vrat 2026)

प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि, जो कृष्ण और शुक्ल पक्ष दोनों समय होती है, विशेष रूप से देवों के देव महादेव को समर्पित होती है। इस तिथि पर प्रदोष व्रत का आयोजन किया जाता है, जो भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने का एक विशेष अवसर है। प्रदोष व्रत का महत्व इसलिए है क्योंकि यह व्रत मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए किया जाता है, और इसे श्रद्धा-भाव से रखा जाता है। इसे त्रयोदशी व्रत भी कहा जाता है, क्योंकि यह व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को होता है, चाहे वह शुक्ल पक्ष हो या कृष्ण पक्ष।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत रखने से भगवान शिव और मां पार्वती की कृपा प्राप्त होती है, जो घर-परिवार में सुख, समृद्धि और शांति लाती है। इसके साथ ही, इस दिन की पूजा से व्यक्ति को जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत खासतौर पर कन्याओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन शिव-परिवार की पूजा अर्चना करने से कन्या को अपने मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।

प्रदोष व्रत की पूजा में श्रद्धा और भक्ति का बहुत महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव को जल अर्पित करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। प्रदोष व्रत के दिन विभिन्न प्रकार के व्रत और पूजा विधियाँ की जाती हैं, जो व्यक्ति की आत्मिक उन्नति में सहायक होती हैं।

साल 2026 में प्रदोष व्रत कब-कब होगा, इसके बारे में पूरी जानकारी निम्नलिखित तालिका में दी जा रही है:

Pradosh Vrat Tithi Date List 2026


तिथिपक्षमाहतिथि प्रारंभतिथि समापन
1 जनवरीशुक्लपौष01:47 AM, जनवरी 0110:22 PM, जनवरी 01
16 जनवरीकृष्णमाघ08:16 PM, जनवरी 1510:21 PM, जनवरी 16
30 जनवरीशुक्लमाघ11:09 AM, जनवरी 3008:25 AM, जनवरी 31
14 फरवरीकृष्णफाल्गुन04:01 PM, फरवरी 1405:04 PM, फरवरी 15
1 मार्चशुक्लफाल्गुन08:43 PM, फरवरी 2807:09 PM, मार्च 01
16 मार्चकृष्णचैत्र09:40 AM, मार्च 1609:23 AM, मार्च 17
30 मार्चशुक्लचैत्र07:09 AM, मार्च 3006:55 AM, मार्च 31
15 अप्रैलकृष्णवैशाख12:12 AM, अप्रैल 1510:31 PM, अप्रैल 15
28 अप्रैलशुक्लवैशाख06:51 PM, अप्रैल 2807:51 PM, अप्रैल 29
14 मईकृष्णज्येष्ठ11:20 AM, मई 1408:31 AM, मई 15
28 मईशुक्लज्येष्ठ07:56 AM, मई 2809:50 AM, मई 29
12 जूनकृष्णज्येष्ठ07:36 PM, जून 1204:07 PM, जून 13
27 जूनशुक्लज्येष्ठ10:22 PM, जून 2612:43 AM, जून 28
12 जुलाईकृष्णआषाढ़02:04 AM, जुलाई 1210:29 PM, जुलाई 12
26 जुलाईशुक्लआषाढ़01:57 PM, जुलाई 2604:14 PM, जुलाई 27
10 अगस्तकृष्णश्रावण08:00 AM, अगस्त 1004:54 AM, अगस्त 11
25 अगस्तशुक्लश्रावण06:20 AM, अगस्त 2507:59 AM, अगस्त 26
8 सितंबरकृष्णभाद्रपद02:42 PM, सितम्बर 0812:30 PM, सितम्बर 09
24 सितंबरशुक्लभाद्रपद10:50 PM, सितम्बर 2311:18 PM, सितम्बर 24
8 अक्टूबरकृष्णआश्विन11:16 PM, अक्टूबर 0710:15 PM, अक्टूबर 08
23 अक्टूबरशुक्लआश्विन02:35 PM, अक्टूबर 2301:36 PM, अक्टूबर 24
6 नवंबरकृष्णकार्तिक10:30 AM, नवम्बर 0610:47 AM, नवम्बर 07
22 नवंबरशुक्लकार्तिक04:56 AM, नवम्बर 2202:36 AM, नवम्बर 23
6 दिसंबरकृष्णमार्गशीर्ष12:51 AM, दिसम्बर 0602:22 AM, दिसम्बर 07
21 दिसंबरशुक्लमार्गशीर्ष05:36 PM, दिसम्बर 2102:23 PM, दिसम्बर 22

महादेव की कृपा पाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण मंत्रों का जाप करें


  • ॐ नमः शिवाय
  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
  • ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
  • ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!

इन मंत्रों का जाप करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाओं की सिद्धि होती है। प्रदोष व्रत का महत्व अत्यधिक है, और इसे श्रद्धा के साथ किया जाए तो यह जीवन में सुख और समृद्धि लाने में मदद करता है।

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