प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि, जो कृष्ण और शुक्ल पक्ष दोनों समय होती है, विशेष रूप से देवों के देव महादेव को समर्पित होती है। इस तिथि पर प्रदोष व्रत का आयोजन किया जाता है, जो भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने का एक विशेष अवसर है। प्रदोष व्रत का महत्व इसलिए है क्योंकि यह व्रत मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए किया जाता है, और इसे श्रद्धा-भाव से रखा जाता है। इसे त्रयोदशी व्रत भी कहा जाता है, क्योंकि यह व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को होता है, चाहे वह शुक्ल पक्ष हो या कृष्ण पक्ष।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत रखने से भगवान शिव और मां पार्वती की कृपा प्राप्त होती है, जो घर-परिवार में सुख, समृद्धि और शांति लाती है। इसके साथ ही, इस दिन की पूजा से व्यक्ति को जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत खासतौर पर कन्याओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन शिव-परिवार की पूजा अर्चना करने से कन्या को अपने मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।
प्रदोष व्रत की पूजा में श्रद्धा और भक्ति का बहुत महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव को जल अर्पित करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। प्रदोष व्रत के दिन विभिन्न प्रकार के व्रत और पूजा विधियाँ की जाती हैं, जो व्यक्ति की आत्मिक उन्नति में सहायक होती हैं।
साल 2026 में प्रदोष व्रत कब-कब होगा, इसके बारे में पूरी जानकारी निम्नलिखित तालिका में दी जा रही है:
Pradosh Vrat Tithi Date List 2026
| तिथि | पक्ष | माह | तिथि प्रारंभ | तिथि समापन |
|---|---|---|---|---|
| 1 जनवरी | शुक्ल | पौष | 01:47 AM, जनवरी 01 | 10:22 PM, जनवरी 01 |
| 16 जनवरी | कृष्ण | माघ | 08:16 PM, जनवरी 15 | 10:21 PM, जनवरी 16 |
| 30 जनवरी | शुक्ल | माघ | 11:09 AM, जनवरी 30 | 08:25 AM, जनवरी 31 |
| 14 फरवरी | कृष्ण | फाल्गुन | 04:01 PM, फरवरी 14 | 05:04 PM, फरवरी 15 |
| 1 मार्च | शुक्ल | फाल्गुन | 08:43 PM, फरवरी 28 | 07:09 PM, मार्च 01 |
| 16 मार्च | कृष्ण | चैत्र | 09:40 AM, मार्च 16 | 09:23 AM, मार्च 17 |
| 30 मार्च | शुक्ल | चैत्र | 07:09 AM, मार्च 30 | 06:55 AM, मार्च 31 |
| 15 अप्रैल | कृष्ण | वैशाख | 12:12 AM, अप्रैल 15 | 10:31 PM, अप्रैल 15 |
| 28 अप्रैल | शुक्ल | वैशाख | 06:51 PM, अप्रैल 28 | 07:51 PM, अप्रैल 29 |
| 14 मई | कृष्ण | ज्येष्ठ | 11:20 AM, मई 14 | 08:31 AM, मई 15 |
| 28 मई | शुक्ल | ज्येष्ठ | 07:56 AM, मई 28 | 09:50 AM, मई 29 |
| 12 जून | कृष्ण | ज्येष्ठ | 07:36 PM, जून 12 | 04:07 PM, जून 13 |
| 27 जून | शुक्ल | ज्येष्ठ | 10:22 PM, जून 26 | 12:43 AM, जून 28 |
| 12 जुलाई | कृष्ण | आषाढ़ | 02:04 AM, जुलाई 12 | 10:29 PM, जुलाई 12 |
| 26 जुलाई | शुक्ल | आषाढ़ | 01:57 PM, जुलाई 26 | 04:14 PM, जुलाई 27 |
| 10 अगस्त | कृष्ण | श्रावण | 08:00 AM, अगस्त 10 | 04:54 AM, अगस्त 11 |
| 25 अगस्त | शुक्ल | श्रावण | 06:20 AM, अगस्त 25 | 07:59 AM, अगस्त 26 |
| 8 सितंबर | कृष्ण | भाद्रपद | 02:42 PM, सितम्बर 08 | 12:30 PM, सितम्बर 09 |
| 24 सितंबर | शुक्ल | भाद्रपद | 10:50 PM, सितम्बर 23 | 11:18 PM, सितम्बर 24 |
| 8 अक्टूबर | कृष्ण | आश्विन | 11:16 PM, अक्टूबर 07 | 10:15 PM, अक्टूबर 08 |
| 23 अक्टूबर | शुक्ल | आश्विन | 02:35 PM, अक्टूबर 23 | 01:36 PM, अक्टूबर 24 |
| 6 नवंबर | कृष्ण | कार्तिक | 10:30 AM, नवम्बर 06 | 10:47 AM, नवम्बर 07 |
| 22 नवंबर | शुक्ल | कार्तिक | 04:56 AM, नवम्बर 22 | 02:36 AM, नवम्बर 23 |
| 6 दिसंबर | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 12:51 AM, दिसम्बर 06 | 02:22 AM, दिसम्बर 07 |
| 21 दिसंबर | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 05:36 PM, दिसम्बर 21 | 02:23 PM, दिसम्बर 22 |
महादेव की कृपा पाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण मंत्रों का जाप करें
- ॐ नमः शिवाय
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ - ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!
इन मंत्रों का जाप करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाओं की सिद्धि होती है। प्रदोष व्रत का महत्व अत्यधिक है, और इसे श्रद्धा के साथ किया जाए तो यह जीवन में सुख और समृद्धि लाने में मदद करता है।





