अगस्त 2026 त्योहार कैलेंडर: Festivals in August
अगस्त के त्योहार
| त्योहार | अंग्रेजी दिन | वार | माह | पक्ष / तिथि | तिथि आरंभ | तिथि समापन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| गजानन संकष्ठी | 2 अगस्त | रविवार | श्रावण | कृष्ण – चतुर्थी | 11:07 PM, 1 अगस्त | 11:15 PM, 2 अगस्त |
| सावन पहला सोमवार | 3 अगस्त | सोमवार | श्रावण | कृष्ण पक्ष – पंचमी | 11:15 PM, 2 अगस्त | 10:54 PM, 3 अगस्त |
| मंगलागौरी | 4 अगस्त | मंगलवार | श्रावण | कृष्ण पक्ष – षष्ठी | 10:54 PM, 3 अगस्त | 10:03 PM, 4 अगस्त |
| कालाष्टमी | 5 अगस्त | बुधवार | श्रावण | कृष्ण पक्ष – अष्टमी | 08:42 PM, 5 अगस्त | 06:52 PM, 6 अगस्त |
| कामिका एकादशी | 9 अगस्त | रविवार | श्रावण | कृष्ण पक्ष – एकादशी | 01:59 PM, 8 अगस्त | 11:04 AM, 9 अगस्त |
| दूसरा सावन सोमवार, प्रदोष व्रत | 10 अगस्त | सोमवार | श्रावण | कृष्ण पक्ष – त्रयोदशी | 08:00 AM, 10 अगस्त | 04:54 AM, 11 अगस्त |
| सावन शिवरात्रि, द्वितीय मंगलागौरी, मासिक शिवरात्रि | 11 अगस्त | मंगलवार | श्रावण | कृष्ण पक्ष – चतुर्दशी | 04:54 AM, 11 अगस्त | 01:52 AM, 12 अगस्त |
| हरियाली अमावस्या, पूर्ण सूर्य ग्रहण, दर्श अमावस्या, श्रावण अमावस्या | 12 अगस्त | बुधवार | श्रावण | कृष्ण पक्ष – अमावस्या | 01:52 AM, 12 अगस्त | 11:06 PM, 13 अगस्त |
| हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस | 15 अगस्त | शनिवार | श्रावण | शुक्ल पक्ष – तृतीया | 06:46 PM, 14 अगस्त | 05:28 PM, 15 अगस्त |
| दुर्गा गणपति चतुर्थी | 16 अगस्त | रविवार | श्रावण | शुक्ल पक्ष – चतुर्थी | 05:28 PM, 15 अगस्त | 04:52 PM, 16 अगस्त |
| नाग पंचमी, तीसरा सावन सोमवार, सिंह संक्रांति, स्कंद षष्ठी | 17 अगस्त | सोमवार | श्रावण | शुक्ल पक्ष – पंचमी | 04:52 PM, 16 अगस्त | 05:00 PM, 17 अगस्त |
| तीसरा मंगला गौरी व्रत | 18 अगस्त | मंगलवार | श्रावण | शुक्ल पक्ष – षष्ठी | 05:00 PM, 17 अगस्त | 05:50 PM, 18 अगस्त |
| श्रावण पुत्रदा एकादशी | 23 अगस्त | रविवार | श्रावण | शुक्ल पक्ष – एकादशी | 02:00 AM, 23 अगस्त | 04:18 AM, 24 अगस्त |
| चतुर्थ श्रावण सोमवार | 24 अगस्त | सोमवार | श्रावण | शुक्ल पक्ष – द्वादशी | 04:18 AM, 24 अगस्त | 06:20 AM, 25 अगस्त |
| चौथा मंगला गौरी व्रत, प्रदोष व्रत | 25 अगस्त | मंगलवार | श्रावण | शुक्ल पक्ष – त्रयोदशी | 06:20 AM, 25 अगस्त | 07:59 AM, 26 अगस्त |
| ओणम | 26 अगस्त | बुधवार | श्रावण | शुक्ल पक्ष – चतुर्दशी | 07:59 AM, 26 अगस्त | 09:08 AM, 27 अगस्त |
| वर लक्ष्मी, रक्षाबंधन, गायत्री जयंती, आंशिक चंद्रग्रहण, श्रावण पूर्णिमा | 28 अगस्त | शुक्रवार | श्रावण | कृष्ण पक्ष – प्रतिपदा | 09:08 AM, 27 अगस्त | 09:48 AM, 28 अगस्त |
| कजरी तीज, हेरम्ब संकष्ठी | 31 अगस्त | सोमवार | भाद्रपद | कृष्ण पक्ष – चतुर्थी | 09:36 AM, 30 अगस्त | 08:50 AM, 31 अगस्त |
हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2026 - व्रत एवं त्यौहार
गजानन संकष्ठी
2 अगस्त 2026, रविवार को गजानन संकष्ठी का पावन व्रत मनाया जाएगा। यह व्रत श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ता है और भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन उपवास रखकर और संध्या के समय गणेश जी की पूजा-अर्चना करके सभी विघ्नों और बाधाओं के निवारण की कामना की जाती है। चतुर्थी तिथि का आरंभ 1 अगस्त को रात 11:07 बजे हुआ और समाप्ति 2 अगस्त को रात 11:15 बजे होगी। श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की प्राप्ति होती है।
पहला सावन सोमवार
3 अगस्त 2026, सोमवार को सावन का पहला सोमवार मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को पड़ता है और भगवान शिव की विशेष आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु उपवास रखते हैं, शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं और भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। पंचमी तिथि का आरंभ 2 अगस्त को रात 11:15 बजे हुआ और समाप्ति 3 अगस्त को रात 10:54 बजे होगी। सावन मास का यह पहला सोमवार रखने से जीवन में सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
मंगलागौरी व्रत
4 अगस्त 2026, मंगलवार को मंगलागौरी का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को पड़ता है और विशेष रूप से विवाहिता महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना, व्रत और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। षष्ठी तिथि का आरंभ 3 अगस्त को रात 10:54 बजे हुआ और समाप्ति 4 अगस्त को रात 10:03 बजे होगी। श्रद्धा और भक्ति के साथ इस दिन पूजा करने से वैवाहिक सुख, पारिवारिक खुशहाली और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
कालाष्टमी
5 अगस्त 2026, बुधवार को कालाष्टमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ता है और भगवान भैरव की विशेष पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भक्तजन व्रत रखते हैं और संध्या काल में भगवान भैरव की आराधना करके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति की कामना करते हैं। अष्टमी तिथि का आरंभ 5 अगस्त को शाम 08:42 बजे होगा और समाप्ति 6 अगस्त को शाम 06:52 बजे होगी। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने से भगवान भैरव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कामिका एकादशी
9 अगस्त 2026, रविवार को कामिका एकादशी का पावन व्रत मनाया जाएगा। यह व्रत श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन उपवास और पूजा-अर्चना करने से पाप नष्ट होते हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। एकादशी तिथि का आरंभ 8 अगस्त को दोपहर 01:59 बजे हुआ और समाप्ति 9 अगस्त को सुबह 11:04 बजे होगी। श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।
सावन दूसरा सोमवार
10 अगस्त 2026, सोमवार को सावन का दूसरा सोमवार और प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और संध्या काल में शिवजी की पूजा-अर्चना करते हैं। त्रयोदशी तिथि का आरंभ 10 अगस्त को सुबह 08:00 बजे होगा और समाप्ति 11 अगस्त को सुबह 04:54 बजे होगी। सावन मास के इस सोमवार और प्रदोष व्रत को श्रद्धा और भक्ति के साथ रखने से जीवन में सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है तथा सभी बाधाएँ दूर होती हैं।
सावन शिवरात्रि, द्वितीय मंगलागौरी, मासिक शिवरात्रि
11 अगस्त 2026, मंगलवार को सावन शिवरात्रि, द्वितीय मंगलागौरी और मासिक शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। त्रयोदशी तिथि का आरंभ 11 अगस्त को सुबह 04:54 बजे होगा और समाप्ति 12 अगस्त को सुबह 01:52 बजे होगी। इस दिन उपवास और संध्या काल में शिवजी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की प्राप्ति होती है।
हरियाली अमावस्या, पूर्ण सूर्य ग्रहण, दर्श अमावस्या, श्रावण अमावस्या
12 अगस्त 2026, बुधवार को हरियाली अमावस्या, पूर्ण सूर्य ग्रहण, दर्श अमावस्या और श्रावण अमावस्या का पावन दिन है। यह दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पड़ता है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस अवसर पर पितृ तर्पण, दान-पुण्य और गंगा स्नान का विशेष महत्व है। अमावस्या तिथि का आरंभ 12 अगस्त को सुबह 01:52 बजे हुआ और समाप्ति 13 अगस्त को रात 11:06 बजे होगी। इस दिन किए गए व्रत और दान से जीवन में शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस
15 अगस्त 2026, शनिवार को हरियाली तीज और स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ता है। हरियाली तीज पर महिलाएं उपवास रखकर व्रत करती हैं और परिवार की खुशहाली, पति की लंबी आयु और सौभाग्य की कामना करती हैं। तृतीया तिथि का आरंभ 14 अगस्त को शाम 06:46 बजे हुआ और समाप्ति 15 अगस्त को शाम 05:28 बजे होगी।
दुर्गा गणपति चतुर्थी
16 अगस्त 2026, रविवार को दुर्गा गणपति चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ता है। इस दिन माता दुर्गा और भगवान गणपति की पूजा की जाती है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल की प्राप्ति होती है। चतुर्थी तिथि का आरंभ 15 अगस्त को शाम 05:28 बजे हुआ और समाप्ति 16 अगस्त को शाम 04:52 बजे होगी।
नाग पंचमी, तीसरा सावन सोमवार, सिंह संक्रांति, स्कंद षष्ठी- 1
7 अगस्त 2026, सोमवार को नाग पंचमी, तीसरा सावन सोमवार, सिंह संक्रांति और स्कंद षष्ठी का पावन दिन है। यह दिन श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पड़ता है। नाग पंचमी पर नागदेवताओं की पूजा की जाती है, सावन सोमवार शिवपूजन के लिए विशेष शुभ होता है, सिंह संक्रांति पर सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश होता है, और स्कंद षष्ठी पर भगवान कार्तिकेय की पूजा होती है। पंचमी तिथि का आरंभ 16 अगस्त को शाम 04:52 बजे हुआ और समाप्ति 17 अगस्त को शाम 05:00 बजे होगी।
तीसरा मंगलागौरी व्रत
18 अगस्त 2026, मंगलवार को तीसरा मंगलागौरी व्रत मनाया जाएगा। यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को पड़ता है और विवाहिता महिलाएं पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। षष्ठी तिथि का आरंभ 17 अगस्त को शाम 05:00 बजे हुआ और समाप्ति 18 अगस्त को शाम 05:50 बजे होगी।
श्रावण पुत्रदा एकादशी
23 अगस्त 2026, रविवार को श्रावण पुत्रदा एकादशी का पावन व्रत मनाया जाएगा। यह व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ता है और पुत्र की प्राप्ति और परिवार की खुशहाली के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। एकादशी तिथि का आरंभ 23 अगस्त को सुबह 02:00 बजे हुआ और समाप्ति 24 अगस्त को सुबह 04:18 बजे होगी।
चतुर्थ श्रावण सोमवार
24 अगस्त 2026, सोमवार को चतुर्थ श्रावण सोमवार मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को पड़ता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ होता है। द्वादशी तिथि का आरंभ 24 अगस्त को सुबह 04:18 बजे हुआ और समाप्ति 25 अगस्त को सुबह 06:20 बजे होगी।
चौथा मंगलागौरी व्रत, प्रदोष व्रत
25 अगस्त 2026, मंगलवार को चौथा मंगलागौरी व्रत और प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है। इस दिन महिलाएं मंगलागौरी व्रत रखकर पति की लंबी आयु की कामना करती हैं और संध्या काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। त्रयोदशी तिथि का आरंभ 25 अगस्त को सुबह 06:20 बजे हुआ और समाप्ति 26 अगस्त को सुबह 07:59 बजे होगी।
ओणम
26 अगस्त 2026, बुधवार को ओणम का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। चतुर्दशी तिथि का आरंभ 26 अगस्त को सुबह 07:59 बजे हुआ और समाप्ति 27 अगस्त को सुबह 09:08 बजे होगी।
वर लक्ष्मी, रक्षाबंधन, गायत्री जयंती, आंशिक चंद्रग्रहण, श्रावण पूर्णिमा
28 अगस्त 2026, शुक्रवार को वर लक्ष्मी, रक्षाबंधन, गायत्री जयंती, आंशिक चंद्रग्रहण और श्रावण पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को पड़ता है। इस दिन देवी लक्ष्मी और माता गायत्री की पूजा, रक्षाबंधन में भाई-बहन के बंधन का पर्व और आंशिक चंद्रग्रहण का विशेष धार्मिक महत्व है। प्रतिपदा तिथि का आरंभ 27 अगस्त को सुबह 09:08 बजे हुआ और समाप्ति 28 अगस्त को सुबह 09:48 बजे होगी।
कजरी तीज, हेरम्ब संकष्ठी
31 अगस्त 2026, सोमवार को कजरी तीज और हेरम्ब संकष्ठी मनाई जाएगी। यह दिन भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ता है। कजरी तीज पर महिलाएं व्रत रखकर परिवार और पति की खुशहाली की कामना करती हैं, वहीं हेरम्ब संकष्ठी पर गणेशजी की पूजा होती है। चतुर्थी तिथि का आरंभ 30 अगस्त को सुबह 09:36 बजे हुआ और समाप्ति 31 अगस्त को सुबह 08:50 बजे होगी।

